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हरियाणा में बीजेपी सरकार की तानाशाही, नहीं होगा सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज़

नई दिल्ली/हरियाणा, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

हरियाणा की बीजेपी सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालाों में मुफ्त इलाज़ पर रोक लगा दी है। अब सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध उन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भुगतान करना पड़ेगा जो सुविधाएं मरीज़ों के लिए मुफ्त थीं। सरकारी अस्पतालों में मरीज़ों को इन सुविधाओं के लिए 10 से 500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग को हरियाणा सरकार की तरफ से यह सूचना दी गई है। हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों में नया शुल्क लागू हो गया है। मरीज़ों को इनडोर प्रवेश शुल्क, सामान्य वार्ड के बेड, रक्त, मूत्र, मल, एक्स-रे और प्लेटलेट्स की गणना के लिए पैसे देने पड़ेंगे।

वहीं सरकारी अस्पतालों में राज्य सरकार ने कुछ श्रेणियों में छूट दी है। यौन उत्पीड़न पीड़ितों, बीपीएल परिवारों, एक साल तक बच्चों और पुलिस हिरासत में आरोपी को मुफ्त में सरकारी अस्पतालों में किसी भी सेवा का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा बाकी रोगियों को बाकी सभी सुविधाओं के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देने से 60 बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं 20 अगस्त को छ्त्तीसगढ़ के अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दिए जाने से 3 बच्चे चंद मिनटों में मौत के मुंह में समा गए थे।

आपको बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में नागरिकों को जीवन देने की बात कही गई है। जिसका मतलब यह हुआ किसी भी नागरिक से उसका जीवन छीना नहीं जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट भी अनुच्छेद 21 के पूर्वावलोकन के तहत स्वास्थ्य के अधिकार की बात कह चुका है। वहीं हरियाणा की बीजेपी सरकार संविधान को धता बताते हुए मनमानी करने पर उतारू है। हरियाणा सरकार के इस फैसल से यह सिद्ध होता है कि आपके पास अगर पैसे नहीं हैं चाहे आप जिए या मरें इलाज़ नहीं हो सकता।

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