हरियाणा में दलितों का इंसाफ मांगना भी बना ‘देशद्रोह’, 2 छात्रों सहित 15 दलितों पर केस दर्ज

नई दिल्ली/ कुरुक्षेत्र। नेशनल जनमत ब्यूरो।

हरियाणा में जबसे भाजपा की सरकार बनी हैं, दलितों का उत्पीड़न तेज हो गया है। सोनीपत के सोनपेड़ में दो दलित बच्चों को जिंदा जलाने की घटना अभी लोगों के जहन से उतरी भी नहीं थी कि अब खट्टर सरकार ने अपने साथियों के लिए इंसाफ मांग रहे 2 छात्रों समेत 15 दलित कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का केस ठोक दिया है।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दो छात्र भी देशद्रोह के आरोपी

पुलिस ने जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है उनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दो छात्र भी हैं। इन सभी पर “सरकार के खिलाफ भड़काऊ भाषण” देने का आरोप है।

इसे भी पढ़ें…भाजपा सरकार कर रही आदिवासियों की हत्या – हेमंत सोरेन

दलितों ने कर दी थी ठाकुर की हत्या

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब तीन महीने पहले अंबाला के पतरहेड़ी गांव में हुए जातीय संघर्ष में हुई हत्या के आरोपी चार दलितों के रिहाई की मांग के लिए किए गए प्रदर्शन के दौरान ये भाषण दिए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार उस समय हुई हिंसा में मारे गए लोग राजपूत समुदाय के थे।

जिन लोगों ने खट्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की,उन्ही लोगों पर ठोक दिया देशद्रोह का केस

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन सभी लोगों पर मुकदमा दायर कर दिया है जिन्होंने 24 अप्रैल को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से “निष्पक्ष जांच” की मांग के लिए “छोटी सी” मुलाकात की थी। मार्च में हुई हत्या के बाद 21 अप्रैल को दलितों ने 21 अप्रैल से 26 अप्रैल को करनाल के करण पार्क में धरना दिया था। दलित गांव में हुए संघर्ष के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

इसे भी पढ़ें…अखिलेश राज में हमलावर राज्यपाल बने बीजेपी प्रवक्ता, बोले कानून – व्यवस्था सुधरने में वक्त लगता है

पुलिस एफआईआर के अनुसार गांव वालों ने इस प्रदर्शन के दौरान “भड़काऊ भाषण दिए” और “स्थानीय नागरिकों की शांति भंग” की। पुलिस सूत्रों के अनुसार एफआईआर में 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। करनाल सिविल लाइंस पुलिस थाने के अफसर मोहन लाल ने इस बात की पुष्टि की कि आरोपियों पर दारा 124-ए के तहत दंगा, गैर-कानूनी जमावड़ा और अन्य आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में 24 अप्रैल को करनाल में सड़क जाम करने और पुलिस के काम में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है।

इसे भी पढ़ें…स्टेशन बेचने के बाद आरक्षण खात्में की ओर प्रभू की रेल, खत्म होंगे 11 हजार पद

एसपी ने कहा अगर आरोप गलत होंगे तो हटा लेगे देशद्रोह के आरोप

करनाल के एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि उन्हें आरोपियों पर देशद्रोह की धारा 124-ए लगाए जाने की बात नहीं पता है। रंधावा ने कहा, “ये मामला अंबाला में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से जुड़ा है…मेरी जानकारी में नहीं है कि देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है या नहीं…लेकिन अगर ऐसा है तो हम इस पर कानूनी राय लेंगे और अगर आरोप गलत होंगे तो इसे हटा दिया जाएगा।” प्रदर्शन के दौरान करण पार्क में करीब 400 लोग जमा थे। पुलिस के अनुसार जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है वो आयोजन के मुख्य चेहरे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share
Share