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हाईकोर्ट में भी सेंगर को बचाने की कोशिश में योगी सरकार, बोली उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

नाबालिग लड़की के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपी भाजपा के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का बचाव करते हुए गुरुवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि उनके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाख़िल अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के ख़िलाफ़ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. सबूत होने पर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी. क़ानूनी प्रक्रिया के तहत ही अब तक विधायक के खिलाफ़ कार्रवाई हुई है.’

दरअसल उन्नाव बलात्कार मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के ख़िलाफ़ केस दर्ज हो गया है और मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है. पीड़िता ने कहा कि सीबीआई जांच से आपत्ति नहीं है लेकिन विधायक को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए.

सरकार के महाधिवक्ता ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने अब तक क़ानून के तहत उचित कार्रवाई की है और आगे भी क़ानूनी प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई की जाएगी.’

बहरहाल हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और 13 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगा.

हाईकोर्ट ने खुद लिया था संज्ञान- 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से पूछा था कि मामले में आरोपी विधायक की गिरफ़्तारी अब तक क्यों नहीं हुई?

इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सेंगर के ख़िलाफ़ गुरुवार 12 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कर ली है. वहीं राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान किया है.

प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि सीबीआई को जांच सौंपने का पत्र गुरुवार को भेज दिया जाएगा. सीबीआई द्वारा जांच अपने हाथ में लिए जाने तक स्थानीय पुलिस जांच जारी रखेगी.

उन्होंने कहा कि आरोपी भाजपा विधायक सेंगर की गिरफ़्तारी के बारे में फैसला सीबीआई अपनी जांच के बाद मामले के गुण-दोष के आधार पर करेगी.

उन्नाव पुलिस ने गुरुवार सुबह सेंगर के ख़िलाफ़ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो क़ानून के तहत बलात्कार पीड़िता के गांव माखी थाने में प्राथमिकी दर्ज की.

सवालों के जवाब में कुमार और पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में पीड़िता ने विधायक का नाम नहीं लिया था. लेकिन अब पीड़िता और उसके परिवारवालों ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) को बताया कि वे पहले भयवश ऐसा नहीं कर पाए थे. अब सेंगर के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस विधायक को बचाने का प्रयास कर रही है. इन आरोपों से इंकार करते हुए प्रमुख सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इसी वजह से मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है.

उन्होंने बताया कि सरकार ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला भी किया है.

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. कुछ पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों के ख़िलाफ़ ड्यूटी में लापरवाही को लेकर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है.

पुलिस महानिदेशक ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान सेंगर को ‘विधायक जी’ कहा तो मीडिया ने इस ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया कि वह तो बलात्कार के आरोपी हैं.

इस पर महानिदेशक ने कहा कि वह चूंकि जनप्रतिनिधि हैं और उनके ख़िलाफ़ आरोप साबित नहीं हुए हैं, इसलिए सम्मान दिया जा रहा है.

मामला बीते आठ अप्रैल को तब खुला था जब कथित बलात्कार पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की. उसका आरोप था कि पुलिस भाजपा विधायक के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रही है.

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