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कट्टरपंथी सियासत हटा दो आज भी हम एक हैं, दुर्घटना में मरे हिन्दू तीर्थयात्रियों को मुस्लिमों ने दिया कंधा

लखनऊ/ मुजफ्फरनगर। नेशनल जनमत ब्यूरो।

केवल सियासत और दोनों तरफ के मठाधीशों को हटा दो तो इस मुल्क में हिन्दू-मुस्लिम आज भी अमन चैन से जीते हैं। ऐसे सैकड़ों उदाहरण है जब दोनों एक दूसरे के सुख-दुख में शरीक होते हैं। दोनों के त्योहार एक  दूसरे के बगैर पूरे नहीं होते लेकिन घटिया राजनाति अपने वोटबैंक के चक्कर में इनको आपस में लड़ाए रखना चाहती है।

सहारनपुर के प्रसिद तीर्थ शाकुंभरी देवी के दर्शन से लौट रहे चार तीर्थ-यात्रियों की मौत के बाद स्थानीय मुसलमानों ने हिन्दू समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ना सिर्फ अस्पताल पहुंचाया बल्कि उसके बाद इनकी अर्थी को कंधा भी दिया।

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बुधवार को सहारनपुर के प्रसिद्ध तीर्थ शाकुम्भरी देवी के दर्शन कर लौट रहे प्रवीण पुत्र अशोक, अपनी मां व पिता और एक अन्य महिला सविता के साथ मुज़फ्फ़रनगर हाइवे पर एक डीसीएम से टकरा गए, जिसमें वो गम्भीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया मगर लेकिन अफसोस की एक भी जान बच नहीं सकी। मुस्लिम बहुल इलाक़ा होने के कारण यहां आसपास मुसलमान ही थे। इन सभी ने अंतिम संस्कार की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। हिंदू समाज ने भी मुसलमानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनका सहयोग किया।

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स्थानीय नागरिक क़ाज़ी फ़सीह अख्तर के मुताबिक़ मुसलमानों ने अपने फ़र्ज़ का निर्वहन किया, जो इंसानियत के प्रति उनकी जवाबदेही तय करता है। उम्मीद है कि इससे नफ़रत फैलाने वालों को सबक़ मिलेगा।

साहित्यकार और कवि व स्थानीय निवासी अजय जन्मेजय के अनुसार उनकी आंखें ख़ुशी से नम हो गई। यह नफ़रत की राजनीति करने वालों पर प्यार की थपकी है। देश को इसी प्रकार की सद्भावना की ज़रूरत है।

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