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धर्म संसद में नरेन्द्र नाथ का भड़काउ बयान, हर हिंदू के हाथ में मोबाइल नहीं हथियार होना चाहिए

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

धर्म जब तक आपकी व्यक्तिगत चीज है, तब तक उससे किसी को आपत्ति नहीं, लेकिन जैसे ही कोई धर्म संगठित हो जाता है वो दूसरे धर्म के प्रति नफरत के बीज बोना शुरू कर देता है। कर्नाटक के उडुपी में चल रही धर्म संसद में ऐसा मामला सामने आया है।

धर्म संसद में स्वामी नरेंद्र नाथ ने विवादित बयान दिया है। स्वामी नरेंद्र नाथ ने धर्म संसद के मंच से हिंदुओं से मोबाइल दूर रखकर हथियार उठाने की अपील की है। स्वामी नरेंद्र नाथ ने इस दौरान कहा कि आपको लाखों रुपये की कीमत के मोबाइल रखने की क्या जरूरत है?

हर हिंदू के पास मोबाइल की जगह हथियार होने चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने हथियार रखने की इस अपील को सुरक्षा और आत्मरक्षा से जोड़ दिया। स्वामी नरेंद्र नाथ ने कहा कि जिस वक्त हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हों और पूजा स्थलों को नष्ट किया जा रहा हो, यहां तक कि संसद को निशाना बनाया जा रहा हो, ऐसे में हर किसी के पास आत्मरक्षा के लिए हथियार होने चाहिए।

स्वामी नरेंद्र नाथ ने धर्म संसद के मंच से ये भी कहा कि हिंदू समुदाय को बेहद खतरा है। उन्होंने कहा कि देश के मंदिर आतंकियों के निशाने पर हैं। ऐसे में मोबाइल फोन की नहीं, हथियारों की जरूरत है।

स्वामी नरेंद्र नाथ ने बच्चे पैदा करने को लेकर शनिवार को धर्म संसद में दिए गए स्वामी गोविंददेव के बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ हिंदू ही क्यों 2 बच्चों की पॉलिसी पर अमल करें। नरेंद्र नाथ ने कहा, ‘अगर मुस्लिम और ईसाइयों के 20 बच्चे करते हैं तो हिंदुओं के भी इतने ही बच्चे होने चाहिए।’

आपको बता दें कि कर्नाटक के उडुपी में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय धर्म संसद चल रही है। इस धर्म संसद का रविवार को आखिरी दिन है।

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