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हिंदुत्व विचारधारा के खिलाफ लड़ने की क्षमता नितीश के अलावा किसी नेता में नहीं- शिवानंद तिवारी

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के करीबी और पूर्व राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हिंदुत्व की विचारधारा के खिलाफ आगे आकर नेतृत्व संभालना चाहिए. नीतीश कुमार में इसकी क्षमता है. यह क्षमता हिंदी पट्टी के किसी और नेता में आज दिखायी नहीं देती है.

उन्होंने कहा कि इस बात को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद भी महसूस करते हैं. उन्होंने दावा किया है कि महीना-डेढ़ महीना पहले मैं नीतीश कुमार से मिला था. लंबी बातचीत हुई थी. उनसे इस दिशा में पहल करने के लिए मैंने आग्रह किया था.

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शिवानंद तिवारी ने कहा कि मेरा मानना है कि गांधी-लोहिया और जेपी की वैचारिक जमीन पर खड़ा होकर ही हिंदुत्व का मुकाबला किया जा सकता है. नीतीश कुमार स्वयं हिंदुत्व के खतरे को पहचानते हैं. इसलिए उन्होंने संघ मुक्त भारत की बात कही थी.

उन्होंने कहा कि फिलहाल 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर एक सुस्पष्ट एजेंडा के साथ व्यापक गठबंधन का प्रयास होना चाहिए.

समाजवादी नेता हैं शिवावंद तिवारी-

शिवानंद तिवारी का समाजवादी बैकग्राउंड रहा है. बिहार के भोजपुर क्षेत्र के शिवानंद तिवारी आपातकाल के दौरान जेल में भी बंद रहे. फिर जनता दल और राष्ट्रीय जनता दल में लालू के साथ लगातार जुड़े रहे. लालू यादव की पार्टी में रहते हुए 1996 और 2000 में लगातार दो बार विधायक भी रहे.

इसके बाद जेडीयू में आने के बाद उनको महासचिव के साथ-साथ प्रवक्ता की बड़ी जिम्मेदारी दी गई. फिर 2008 में शिवानंद तिवारी राज्यसभा सांसद बन गए. 2014 में राज्यसभा का टर्म पूरा हुआ तो उन्हें दोबारा मौका नहीं मिल पाया.

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