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भगवाराज: गरबा में आने वालों को गौमूत्र से शुद्धिकरण और लाल तिलक लगाए बिना नहीं मिली एंट्री

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

भगवा मानसिकता के साथ दिक्कत यही है कि वो अपना कट्टरपन दूसरे के ऊपर थोपना चाहते हैं और सत्ता से मिले सहयोग के दम पर उसे मानने पर विवश करते हैं। ऐसा ही एक नजारा गुजरात में गरबा के दौरान देखने को मिला जहां मस्ती के मूड में गए परिवारों को बजरंग दल जैसे संगठनों की मानसिकता का सामना करना पड़ा।

दरअसल गुजरात के गांधीनगर के थानगानाट में आयोजित गरबा कार्यक्रम में शामिल होने वालों का शुद्धिकरण किया गया वो भी गौमूत्र छिड़ककर। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा इस गरबा कार्यक्रम में आ रहे लोगों के ऊपर गौमूत्र छिड़ककर उनकी शुद्धि की गई और फिर लाल रंग का टीका लगाया गया।

कपड़ों पर दाग पड़ने से रोकने के लिए गौमूत्र के साथ गंगाजल का मिश्रण किया गया था, लेकिन लोगों की नाराजगी छिपी नहीं रही। कुछ लोगों ने तो इसका विरोध नहीं किया लेकिन आईटी विशेषज्ञ देवदत्त सिंह रावल जैसे कई लोगों ने न केवल इसका विरोध किया बल्कि पुलिस भी बुला ली।

उनकी पत्नी जानकी बा बताती हैं- “बजरंग दल वालों ने हमें बाहर निकाल फेंकने की धमकी भी दी। हम पास लिए थे तो वे हमें रोकने वाले कौन होते हैं? कई लोग डर के मारे चुप रहे लेकिन मुझे किसी को साबित करने की ज़रूरत नहीं कि मैं हिंदू हूँ।”

जब इस घटना के बारे में गांधीनगर पुलिस से पूछा गया तो पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए कहा, जब कोई ऐसी शिकायत आएगी तब देखा जाएगा। गांधीनगर पुलिस भले ही इस मामले पर टालमटोल कर रही हो लेकिन गरबा डांस में शामिल होने आए जितिन पटेल ने कहा कि गौ मूत्र से शुद्धि करना आपकी मानसिकता हो सकती है लेकिन जबरन थोपना गलत है।

वहीं इस मामले पर गरबा के संयोजक संदीप जोशी के कहा, बजरंग दल ने हमें पहले से ही इस बारे में सूचित कर दिया था। जोशी ने कहा कि यह घटना असुविधाजनक नहीं थी।

बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सूर्य प्रकाश वैष्णव का कहना है, हम गांधीनगर और इसके पास के गांवों में जाकर युवा हिंदू लड़कियों को वार्निंग दे रहे हैं कि वे लव जिहाद से बचें, उन्होंने आगे कहा, हम लोगों को जागरुक कर रहे हैं कि वे विशेष त्योहारों पर अतिथियों का स्वागत गाय के मूत्र और लाल रंग का तिलक लगाकर करें।

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