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बेटे जयंत सिन्हा ने निभाया मंत्री पद का धर्म, यशवंत सिन्हा को दिया जवाब, चिदंबरम ने लताड़ा

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर हाल ही में पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता यशवंत सिन्हा ने वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा था। यशवंत सिन्हा ने एक अंग्रेजी अखबार में अपने लेख में कहा था कि वित्त मंत्री अरुण जेटली देश को करीब से गरीबी दिखाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अरुण जेटली पर वार करते हुए कहा था कि देश कीअर्थव्यवस्था कबाड़ा बन गई है। उन्होंने अपने लेख में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता डर के आगे कुछ बोल नहीं पा रहें है। यशवंत सिन्हा के द्वारा लगाए गए आरोपों को कांग्रेस ने सही ठहराया है।

यशवंत सिन्हा के उठाये गए प्रश्नों पर बीजेपी सरकार तिलमिला गई। जिसके बाद बीजेपी ने अपने नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा को पिता को जबाव देने के लिए जिम्मेदारी सौंप दी।

जयंत सिन्हा ने एक अंगेजी अखबार में अपने लेख में पूर्व वित्त मंत्री और अपने पिता यशवंत सिन्हा को जवाब देते हुए लिखा, “भारतीय अर्थव्यस्था के बदलते चेहरे पर हाल में कई लेख प्रकाशित हुए हैं। दुर्भाग्यवश, ये लेख सीमित तथ्यों के आलोक में अति सरलीकरण करते हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में मूलभूत बदलावों पर इनकी नजर नहीं जाती है।

जयंत सिन्हा आगे लिखते हैं, मोदी सरकार द्वारा साल 2014 से लागू किया गये सुधार देश में तीसरी पीढ़ी के आर्थिक सुधार हैं।

जयंत सिन्हा की इस सफाई पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री ने पी चिदंबरम ने जोरदार हमला बोला। उन्होंने जयंत सिन्हा को आड़े हाथों लेते हुए अपने ट्वीट में इस लेख को प्रेस रिलीज करार दिया। उन्होंने कहा, जयंत सिन्हा को यह पता होना चाहिए कि प्रशासनिक बदलाव, संगठनात्मक सुधार नहीं होते।

चिदंबरम ने आगे कहा, अगर जयंत सिन्हा सही हैं, तो इलेक्ट्रिसिटी डिमांड और प्लांट लोड फैक्टर में 50-60 का अनुपात क्यों है? पिछली पांच तिमाही के दौरान जीडीपी में लगातार गिरावट क्यों आई है. अगर जयंत सिन्हा सही हैं, तो निजी निवेश में बढ़ोत्तरी क्यों नहीं हुई है. अगर जयंत सिन्हा सही हैं तो इंडस्ट्री की क्रेडिट ग्रोथ निगेटिव क्यों है?

यशवंत सिन्हा ने लेख में कहा, मैंने वित्‍त मंत्रालय संभाला है और मैं जानता हूं कि अकेले उसी मंत्रालय में कितना काम होता है। इस मंत्रालय को अपने प्रमुख के पूरे ध्‍यान की आवश्‍यकता होती है। कठिन समय में यह चौबीसों घंटे हफ्ते के सातों दिन की नौकरी हो जाती है, यहां तक कि जेटली जैसा सुपरमैन भी काम के साथ न्‍याय नहीं कर सकता।”

आपको बता दें पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार में देश की कमजोर होती जा रही अर्थव्यवस्था पर एक लेख लिखा था। जिसमें उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर खुलकर वार किया था।

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