You are here

झारखंड – गौरक्षा के नाम पर मुस्लिम की हत्या के आरोप में बीजेपी नेता समेत दो गिरफ्तार

 नई दिल्ली । नेशनल जनमत ब्यूरो।

जबसे केन्द्र में बीजेपी की सरकार बनी है तबसे गौरक्षा के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाकर  उनकी हत्या का खेल खेला जा रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी गाय की रक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा की जाने वाली हत्या पर गहरा दुख जता चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के नेता या फिर बीजेपी के अनुसांगिक संगठनों से जुड़े लोग लगातार गाय की रक्षा के नाम पर हिंसा फैला रहे हैं।

झारखंड मे भी प्रतिवंधित मांस ले जाने के शक में  की गई मीट व्यापारी अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या के आरोप में पुलिस ने बीजेपी नेता समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दूसरा युवक गऊ रक्षा समिति का सदस्य बताया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें…नेशनल जनमत की खबर का असर, केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने की क्रिकेट में आरक्षण की मांग

आपको बता दें कि  29 जून को रामगढ़ में भीड़ ने मीट व्यापारी अलीमुद्दीन अंसारी की जान ले ली थी। इस मामले में शनिवार को पुलिस ने नित्यानंद जो कि रामगढ़ में बीजेपी मीडिया सेल देखता  हैं और छोटू राणा नाम के शख्स को पकड़ा है। छोटू को गऊ रक्षा समिति का सदस्य बताया जा रहा है। दोनों लोगों को उस वायरल वीडियो में देखा गया था जिसमें अंसारी की पिटाई को कैद किया गया था। पुलिस ने बताया कि नित्यानंद का दावा है कि वह प्रशासन के पहुंचने के बाद ही मौके पर पहुंचा था। पुलिस से नित्यानंद ने कहा है कि वह देखने गया था कि वहां क्या हुआ है।

इसे भी पढ़िए…मोदीराज मेें OBC,SC,ST के साथ इंजीनियरिंग में भी साजिश, ओपन सीट में किया सिर्फ सवर्णों का चयन

खबरों के मुताबिक  कुछ मीडिया वालों ने  बीजपी जिलाध्यक्ष  शिव शंकर बनर्जी से बात करनी चाही लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके। वहीं मीडिया सेल के इंचार्ज वरुण सिंह ने कहा कि नित्यानंद उनके साथ ही काम करता है और उसका घर वहीं हैं जहां पर वह घटना घटी थी। वरुण ने कहा कि वीडियो में देखा जा सकता है कि नित्यानंद डीएसपी के पास खड़ा है। वरुण ने भी यही दावा किया कि महतो घटना के बाद वहां पहुंचा था। वरुण के मुताबिक, पुलिस ने नित्यानंद को जल्दबाजी या फिर हड़बड़ी में गिरफ्तार किया।

इसे भी पढ़ें…किस-किसकी जुबान काटोगे, आजम से पहले सुप्रीम कोर्ट भी सेना पर खड़े कर चुका है सवाल

घटना के बाद बीजेपी युनिट ने एक मीटिंग भी रखी थी। उसमें बीजेपी जिला अध्यक्ष बनर्जी ने मार-पीट की घटना की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस को ‘निर्दोष’ लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए।

क्या है मामला: अंसारी जो कि एक मीट व्यापारी थे उनको लगभग 10 लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकार मार डाला। उनकी वैन में मवेशी का मांस होने का शक था। घटना का एक वीडियो भी सामने आया था। पुलिस ने बाद में संतोष सिंह नाम के शख्स को मर्डर के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके अलावा एक और शख्स को पकड़ा गया था।

Related posts

Share
Share