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3 लड़कों का दम: मोदी-शाह के गुजरात में BJP को 16 सीट का नुकसान, 22 सालों में सबसे कम सीटें मिलीं

नई दिल्ली, नीरज भाई पटेल (नेशनल जनमत) 

उत्तर प्रदेश के बाद इस बार सबकी नजरें गुजरात विधानसभा चुनावों और इसके नतीजों पर टिकी थीं। पीएम मोदी ने गुजरात चुनाव के लिए संसद का शीतकालीन सत्र तक नहीं होने दिया क्योंकि मंत्रिमंडल के आधे से ज्यादा मंत्री गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे थे।

इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार जैसे बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री भी अपने-अपने मंत्रालयों का काम काज छोड़कर एक-एक महीने तक गुजरात में ही प्रवासी जीवन बिताते रहे।

22 साल से गुजरात में राज कर रही बीजेपी के केन्द्रीय मंत्रियों को नुक्कड़ सभाएं करते हुए शहरों की खाक तक छाननी पड़ी। तब भी अपने एकमात्र स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के गुजरात में 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई।

अब चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और गुजरात में बीजेपी की सत्ता बरकरार रही है। लेकिन बीजेपी की राह में मुश्किलें पैदा करने वाली तिकड़ी में से दो यानि अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी विधानसभा पहुंच गए हैं और आगे की चुनौती के लिए संघर्ष का ऐलान भी कर चुके हैं।

हार-जीत से अलग हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी, अल्पेश ठाकोर की तिकड़ी ने बीजेपी को कैसे नुकसान पहुंचाया और कांग्रेस कैसे हारकर भी पिछली बार की तुलना में 16 सीटें ज्यादा जीतने में सफल हुई इस बात को समझते हैं।

पिछले के मुकाबले 16 सीटें कम आईं- 

– बीजेपी का वोट शेयर करीब 1.25% और कांग्रेस का करीब 2% बढ़ा। बीजेपी का वोट शेयर 49.1% जबकि कांग्रेस का 41.4% रहा। सीटों के मामले कांग्रेस फायदे तो बीजेपी नुकसान में रही।

– इस बार बीजेपी को 99 (पिछली बार 115) सीटें मिलीं थीं, वहीं कांग्रेस को 77 जबकि (पिछली बार 61) सीटें मिलीं थीं।

22 सालों में सबसे कम सीटों पर अटकी बीजेपी- 

1995 से बीजेपी गुजरात में लगातार सत्ता में है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि बीजेपी 100 से कम सीटों पर अटक गई है। 150 सीटों का दावा करने वाली बीजेपी 100 सीटें भी नहीं छू पाई। वहीं कांग्रेस 22 सालों में सबसे ज्यादा सीटें पाने में कामयाब हुई इतना ही नहीं कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले 16 सीटों का फायदा भी हुआ है।

साल             बीजेपी     कांग्रेस

1995             121          45
1998             117          53
2002             127          51
2007             117          59
2012             115          61
2017              99           77

कुल मिलाकर गुजरात में भाजपा ने सत्ता भले ही हासिल कर ली हो लेकिन जिग्नेश मेवाणी, हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर की तिकड़ी ने प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष के गृह राज्य में बीजेपी को तीन अंकों में नहीं पहुंचने दिया और 2012 के चुनाव के मुकाबले उनके विजय रथ को भारी नुकसान पहुंचाया है।

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