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जज्बे को सलाम: जिस अदालत के सामने भीख मांगती थीं उसी की जज बनीं किन्नर जोइता मंडल

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

ट्रांसजेंडर यानि किन्नर जिनको दुनिया में इंसानों की तरह गिना ही नहीं जाता है, क्योंकि हमारा समाज आज भी लिंगभेद के बीच उलझा हुआ है। अपनी जिंदगी में ये लोग किस तरह की परेशानियों का सामना करते है हम ये सोच भी नहीं सकते। आपने अक्सर सड़कों पर इन लोगों को भीख मांगते हुए देखा होगा। लेकिन तमाम तरह की मुश्किकों को झेलते हुए भी कुछ लोग अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर अपनी जिंदगी और लोगों की सोच बदलने में कामयाब हो जाते है।

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ऐसे ही संघर्ष की मिशाल बनकर उभरी हैं पश्चिम बंगाल की निवासी ट्रांसजेंडर जोइता मंडल।

पहली बार कोई किन्नर लोक अदालत की जज बनीं- 

8 जुलाई 2017 का दिन हमारे देश के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाना चाहिए। क्योंकि इस दिन ट्रांसजेंडर जोइता मंडल को बंगाल के उत्तर दीनापुर जिले के इस्लामपुर लोक अदालत का जज नियुक्त किया गया है। देश के इतिहास में वो पहली ट्रांसजेंडर है जो किसी लोक अदालत की जज बनी हैं।

एक ट्रांसजेंडर के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत के जज बनने तक का सफर करना इतना आसान नहीं था। जीने के लिए भीख मांगने से लेकर सोशल वर्कर का काम और फिर राष्ट्रीय लोक अदालत के बेंच के लिए चयनित होना बिल्कुल भी आसान नहीं था।

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भीख तक मांगनी पड़ी- 

एक समय था जब जोइता मंडल BPO में नौकरी किया करती थीं। लेकिन वहां उनका बहुत मजाक उड़ाया जाता था। लिंगभेदी टिप्पणियों से परेशान होकर उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। साल 2011 में नौकरी छोड़ने के बाद एक समय ऐसा भी आया कि उन्हें बस स्टैंड पर भीख मांगकर अपना गुजरा करना पड़ा। लेकिन कुछ महीनों बाद उन्होंने अपनी कम्युनिटी के लोगों के लिए काम करना शुरू किया। उन्होंने एक संस्था की शुरुआत की जिसका नाम ‘मंशा बंगला’ है।

सेक्स वर्कर के लिए भी काम करती हैंं जोइता- 

धीरे-धीरे समाजसेवा में उन्होंने और कदम बढ़ाये और आगे चलकर दिनाजपुर नोतुन आलो सोसाइटी (DNAS) नाम की संस्था खोली। ये सोसाइटी ट्रांसजेंडर और उनके जैसे लोगों  के लिए काम करती है। जोइता मंडल ने इस कम्युनिटी के लिए बहुत कुछ किया है, इसके अलावा उन्होंने एक ओल्ड ऐज होम भी खोला। जिसमें कभी सेक्सवर्कर रहे लोग रहते हैं और अपनी जिंदगी को सुधारने के प्रयास कर रहे हैं। जोइता का जन्म कोलकाता में हुआ था। उनका नाम पहले जयंत मंडल था। जोइता ने अपने कॉलेज की पढ़ाई दूसरे साल तक ही की है लेकिन अब जज बनने के बाद वो अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती हैं।

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भीख मांगने से लेकर किसी लोक अदालत की जज बनना ये ट्रांसजेंडर जोइता मंडल ने इसी जिंदगी में देखा है। आज जोइता की जिंदगी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने ये साबित कर दिया है अपनी मेहनत और कुछ करने की चाहत से आप इस दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकते है।

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