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पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी से छत्तीसगढ़ कुर्मी समाज आक्रोशित, विरोध प्रदर्शन, रिहाई की मांग

नई दिल्ली/ रायपुर, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

मूलत: छत्तीसगढ़ के निवासी दिल्ली में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को रमन सिंह सरकार द्वारा राजनैतिक षडयंत्र में फंसाने का आरोप लगाते पत्रकारों और समाज सेवियों का विरोध सोशल मीडिया के बाद अब सड़कों पर भी दिख रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ कुर्मी समाज के विभिन्न संगठन भी अब खुलकर विनोद वर्मा के समर्थन में आ गए हैं।

छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच बिलासपुर के पदाधिकारियों ने रविवार को पत्रकार की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद  चेतना मंच के अध्यक्ष डा. निर्मल नायक ने कूर्मि समाज के अन्य प्रतिनिधिमंडल के साथ बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

कुर्मी चेतना मंच के पदाधिकारियों ने मामले की निंदा करते हुए इस राजनीतिक षडयंत्र बताया। डॉ. निर्मल नायक ने छत्तीसगढ़ सरकार से विनोद वर्मा की रिहाई की मांग की है।

इसके अलावा विवादास्पद बीजेपी मंत्री राजेश मूढत की सी.डी. की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में करने की मांग की है ताकि बीजेपी सरकार जांच प्रभावित ना कर सके।

राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्री व प्रदेश भाजपा छत्तीसगढ़ को भी भेजी गई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य कूर्मि संगठनों के द्वारा भी इस घटना की घोर निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

क्या है मामला- 

बीबीसी और अमर उजाला में वरिष्ठ पदों पर रह चुके पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को तड़के उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था। दोपहर होने तक पूरे मीडिया जगत मैं ये खबर सनसनी की तरह फैल गई थी। इसके बाद दमनकारी रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी की मानसिकता के खिलाफ जमकर हल्ला बोला गया।

एएनआई के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा ने कहा था है कि उनके पास छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत की सेक्स सीडी है और यही कारण है कि छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें फंसा रही है, उन्होंने कहा कि मेरे पास सेक्स वीडियो पेन ड्राइव में है। सीडी में मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

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