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कोर्ट परिसर में मनु की मूर्ति का प्रभाव, जस्टिस शर्मा बोले मोरनी आंसू पीकर गर्भवती होती है

जयपुर, नेशनल जनमत ब्यूरो । 
गाय को राष्ट्रीय पशु बनाए जाने का सुझाव देने वाले राजस्थान हाई कोर्ट के जज महेश चंद्र शर्मा ने कहा है कि नेपाल की तर्ज पर भारत में भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने दावा किया मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया क्योंकि वह जिंदगी भर ब्रह्मचारी रहता है. क्या वास्तव में कोर्ट परिसर में लगी मनु की मूर्ति का इतना प्रभाव है कि कोई भी जज ऐसी बातें करने लगे.
राजस्थान कोर्ट ने ये बातें एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कही है. गाय की सुरक्षा को लेकर याचिका दाखिल की गई थी. जिस पर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. फैसला उनका आखिरी फैसला था. बुधवार को ही जज एमसी शर्मा रिटायर हो गए.
संविधान नहीं वेदों के आधार पर फैसला सुनाया शर्मा जी ने- 
एक न्यूज चैनल से बातचीत में जस्टिस शर्मा ने कहा, ‘भगवान कृष्ण जब धरती पर आए तो उन्होंने आने से पहले वृंदावन में गाय को उतारा, गोवर्धन में गाय को उतारा…उन्हें पता था कि हमारा जो वैद्य होगा, जो डॉक्टर होगा वह गाय ही होगी. हैरत की बात ये है कि जज साहब ने इस फैसले को संविधान के आधार पर नहीं बल्कि उन्होंने अपने फैसले में तमाम वेदों और धार्मिक ग्रंथों का हवाला दिया है.
आखिर अन्तर्रात्मा की आवाज सुन ली शर्मा जी ने-
सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने के लिए सुझाव पर बोले ‘मैंने सुझाव दिया है क्योंकि यह मेरी आत्मा की आवाज है. उनको निर्देश इसलिए नहीं दिए जा सकते थे क्योंकि केंद्र सरकार उसमें पार्टी नहीं थी. ये सुझाव मैंने अपनी आत्मा की आवाज पर दिए हैं. सरकार जरूर इस पर काम करेगी, सकरात्मक काम करेगी। यह देश हित का काम है और सभी प्राणियों के लिए है.’
एक जस्टिस के अल्पज्ञान पर लोग हैरत में हैं- 
जस्टिस साहब यहीं नहीं रुक वो आगे बोले हमने मोर को राष्ट्रीय पक्षी क्यों घोषित किया. मोर आजीवन ब्रह्मचारी रहता है. इसके जो आंसू आते हैं, मोरनी उसे चुग कर गर्भवती होती है. मोर कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता. मोर पंख को भगवान कृष्ण ने इसलिए लगाया क्योंकि वह ब्रह्मचारी है. साधु संत भी इसलिए मोर पंख का इस्तेमाल करते हैं. मंदिरों में इसलिए मोर पंख लगाया जाता है. ठीक इसी तरह गाय के अंदर भी इतने गुण हैं कि उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।’ यहां बता दें कि जस्टिस शर्मा द्वारा मोर को लेकर कही गई बात सिर्फ एक मिथक है। मोरनी मोर के साथ सहवास करके ही गर्भवती होती है।

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