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हिन्दूवादी संगठन की धमकी, RSS अगर मारना शुरू कर दे तो लेखकों का कुनबा ही नहीं बचेगा

नई दिल्ली/ केरल। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

कन्नड़ की वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या के बाद केरल हिंदू ऐक्य वेदी नामक हिन्दूवादी संगठन ने सेकुलर लेखकों को महामृत्युंजय जाप कराने की सलाह दी है। केरल हिंदू ऐक्य वेदी संगठन की प्रमुख ने कहा कि इस जाप को कराने से सेकुलर लेखकों का हश्र गौरी लंकेश जैसा नहीं होगा। मालूम रहे कि हिंदू ऐक्य वेदी आरएसएस समर्थक संगठनों का सांझा मंच है।

केरल हिंदू ऐक्य वेदी की राज्य प्रमुख केपी शशिकला ने कहा, मैं सेकुलर लेखकों से कहना चाहूंगी कि अगर वह लंबा जीवन जीना चाहते हैं तो उनकों महामृत्युंजय हवन कराना चाहिए, नहीं तो आप भी गौरी लंकेश की तरह शिकार बनोगे।

बीते 8 सितंबर को एर्नाकुलम में एक्य वेदी के कार्यक्रम में बोलते हुए शशिकला टीचर ने कहा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उन लोगों को नहीं मारना चाहता जो उसके विरोधी हैं। क्योंकि आरएसएस प्रतिरोध से ऊर्जा लेकर ही आगे बढ़ता है। उन्होंने आगे कहा, कि इस तरह की घटनाएं कर्नाटक में कांग्रेस के लिए जरुरी हैं क्योंकि वह कमजोर है।

शशिकला ने कहा, कि हिदुत्व के विरोध के लिए नई ऩई योजनाएं ईजाद की जा रही हैं। आखिरकार एक और खत्म हुआ उसका क्या नाम था गौरी। कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि गौरी लंकेश आरएसएस के विरोध के कारण मर गई। उन्होंने आगे कहा, जो लेखक आरएसएस के खिलाफ लिखते हैं उन्हें ही लेखक माना जाता है, क्या आप ऐसे लेखक का नाम बता सकते हैं जो आरएसएस का विरोधी न हो।

शशिकला के मुताबिक, ऐसा कोई लेखक है जो आरएसएस के विऱोध में न लिखता हो, जो स्वयं सेवक संघ के खिलाफ लिखता है उसे ही पैसा और पुरस्कार मिलता है। सौ में से नब्बे लेखक ऐसे ही हैं जो आरएसएस के खिलाफ लिखते हैं।

आरएसएस मारना शुरू कर दे तो लेखकों का कुनबा नहीं बचेगा- 

शशिकला ने कहा, “अगर आरएसएस मारना शुरू कर दे तो लेखकों का कुनबा ही नहीं बचेगा। जब आप आरएसएस के खिलाफ लिखना शुरू कर देते हो तो संघ परिवार समझ जाता है कि वो विकास कर रहा है।” शशिकला के बयान पर सत्ताधारी सीपीएम और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने कहा, “ऐसी प्रवृत्तियों से हमारा समाज व्यथित होता है।” वहीं कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने कहा, “उन्होंने केवल सेकुलर लेखकों को नहीं बल्कि देश के सेकुलर मूल्यों को चुनौती दी है।”

आपको बता दें वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की 6 सितंबर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह लंकेश पत्रिका की संपादक थीं। उन्हें आरएसएस, बीजेपी सहित तमाम अतिवादी हिंदू संगठनों की साम्प्रदायिकता के खिलाफ लिखने के लिए जाना जाता था।

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