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शिवराज सरकार की गोलियों से मरे किसानों में 5 पाटीदार, हार्दिक ने कहा पटेल विरोधी है बीजेपी

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

मध्य प्रदेश में जारी किसान आंदोलन में कुछ लोगो को तोड़कर शिवराज सरकार ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी थी. लेकिन हकीकत में किसानों की मांग सुनी ही नहीं गई थी. मंगलवार को अपनी फसल का उचित मूल्य मांग रहे किसानों पर शिवराज सरकार ने गोलियां चलवा दीं. जिससे 6 किसानों की मौत हो गई, दर्जनों घायल हो गए.

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मरने वालों में पांच पाटीदारों की मौत- 

पुलिस फायरिंग में जिन छह लोगों की मौत हुई है उनमें पांच पाटीदार समुदाय से हैं जिसकों लेकर मध्यप्रदेश के अलावा यूपी के पटेल और गुजरात के पाटीदारों में जबरदस्त आक्रोश है.

1-  कन्हैयालाल पाटीदार निवासी चिलोद पिपलिया,

2- बंटी पाटीदार निवासी टकरावद,

3- चैनाराम पाटीदार निवासी नयाखेडा,

4- अभिषेक पाटीदार बरखेडापंथ

5-  सत्यनारायण पाटीदार बरखेडापंथ हैं।

मंदसौर में ही घायल आरिफ नाम के शख्स को इंदौर ले जाया जा रहा था। रास्ते में नागदा के पास उसकी मौत हो गई।

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– मंगलवार को मंदसौर-नीमच रोड पर करीब एक हजार किसानों ने चक्काजाम कर दिया। यहीं से हिंसा भड़की। इसके बाद 8 ट्रकों और 2 बाइकों में आग लगा दी। पुलिस और सीआरपीएफ ने हालात संभालने की कोशिश की। लेकिन, भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद फायरिंग हुई।

– इसके बाद भीड़ ने मंदसौर में गराेठ रोड पर सीतामऊ टोल बूथ पर आग लगा दी। कुल 28 गाड़ियां जलाई जा चुकी हैं।

– मंदसौर में सोमवार से ही इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। फायरिंग के बाद जिला कलेक्टर ने पहले धारा 144 लगाई और इसके बाद कर्फ्यू लगा दिया।

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सोशल मीडिया पर  आक्रोश- 

हार्दिक पटेल ने मध्यप्रदेश के किसानों की मौत को हत्या कहा है. साथ ही हार्दिक ने कहा कि अभी तक किसान आत्महत्या कर रहे थे अब सरकार उनकी हत्या कर रही है. पूरे देश में बीजेपी पटेल और पाटीदारों के पीछे पड़ी है. इस सरकार को सबक सिखा के रहेंगे पाटीदार.

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार ने कहा कि सरकार चाहती तो इस विद्रोह को रोक सकती थी. लेकिन सरकार की मानसिकता ही दमनकारी है. इसलिए शिवराज सरकार की दमनकारी पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने की बजाए निहत्थे किसानों पर गोलियां बरसा दी. गुजरात से लेकर म.प्र. और बिहार से लेकर उ.प्र. में अब ये स्पष्ट है कि बीजेपी सरकार किसान विरोधी होने के सात ही पटेल और पाटीदारों की विरोधी भी बन गई है.

फेसबुक वॉल पर वरिष्ठ पत्रकार सत्येन्द्र प्रताप सिंह लिखते हैं कि कुर्मियों ने राष्ट्रहित में संघियों को वोट दिया। गुजरात और मध्य प्रदेश में तो डेढ़ दशक से राष्ट्रहित कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के किसान आंदोलन में कन्हैयालाल पाटीदार, बबलू पाटीदार, प्रेम सिंह पाटीदार को संघी पुलिस ने ठोंक दिया.

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