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राबड़ी देवी की मीडिया को नसीहत, किसानों-गरीबों के मुद्दे दिखाओ मेरी बहू की चिंता छोड़ो

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का रविवार का जन्मदिन था. इस मौके पर किसी पत्रकार ने राबड़ी देवी से सवाल किया जिसके जवाब में राबड़ी देवी ने कहा कि वो अपने बेटे के लिए संस्कारी बहू चाहती हैं. इसको लेकर मीडिया में हायतौबा मच गया. पढ़िए अपने फेसबुक पर मीडिया को राबड़ी देवी ने क्या नसीहत दी.

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राबड़ी देबी के फेसबुक वॉल से- 

कल लालू जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर किसी पत्रकार ने पूछा तो मैंने “संस्कारी बहु” को लेकर अपने विचार पत्रकार बंधु के सामने रखे थे. उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. मैंने यह नहीं कहा कि मुझे मॉल या सिनेमा जाने वाली बहू नहीं चाहिए. सिनेमा वाली बहु से मेरा तात्पर्य फिल्मी कलाकारों से था, ना कि वे लड़कियां जो ‘मॉल-सिनेमा’ देखने जाती हैं.

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ना तो मैं फिल्मों में काम करने वाली स्वावलंबी व आत्मनिर्भर फ़िल्म अदाकारों को कमतर आंकती हूँ और ना ही स्त्रियों के स्वतंत्रता और स्वेच्छा से घूमने फिरने या जीवनयापन के विरुद्ध हूँ. मॉल का तो कहीं कोई ज़िक्र ही नहीं था. मैं खुद सामाजिक जीवन से जुड़ी हूँ और चाहती हूँ कि हर महिला सामाजिक रूप से पुरुष प्रधान समाज में एक मजबूत पहचान स्थापित करें.

मेरा तात्पर्य बस इतना था कि मेरा एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक परिवार है। इसलिए मेरे विचार से वह बहु बेहतर होगी जो हमारे सामाजिक परिवेश, परिदृश्य, राजनीति और ग़रीबों की हमारे परिवार से जो अपेक्षाएँ और परिवार की जिम्मेवारियां हैं उन्हें वह भली भाँति समझ पाए.

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संस्कारी एक विस्तृत शब्द है आप इसे अपने सामाजिक सरोकारों और पारिवारिक प्रमुखताओं के हिसाब से कैसे भी परिभाषित कर सकते है। देश में किसानों और ग़रीबों के इतने ज्वलंतशील मुद्दे है उनपर बहस ना करने की बजाय मुझे कैसी बहू चाहिए इसपर मीडिया क्यों अपनी ऊर्जा ख़र्च कर रही है?

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