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पीलीभीत: पुलिस की शह पर 2 पत्रकारों पर गुंडों ने किया हमला, कोतवाल मनोज त्यागी की बर्खास्तगी की मांग

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

गुंडे-माफियाओं के प्रदेश छोड़ने की बात करने वाले सीएम आदित्यनाथ के राज में पुलिस ही उनकी संरक्षणदाता बन गई है। एनकाउंटर के नाम पर दलित-पिछड़ों को मारने वाली यूपी पुलिस अब पिछड़े समाज के पत्रकारों पर भी हमले करवा रही है।

हालिया मामला पीलीभीत जिले का है। यहां दो दिन पहले ही एक दारोगा ने पत्रकार का मोबाईल छीन लिया था। अब खबर ये है कि पुलिस का संरक्षण प्राप्त माफियाओं ने दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला किया है दोनो ही पत्रकार बुरी तरह घायल हैं।

पुलिस ने मामला तूल पकड़ता देख मुकदमा तो लिख लिया लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी अभी नहीं हुयी है माफियाओं की पुलिस से सांठ-गांठ है और वो पुराने कई संगीन अपराधिक मुकदमों में वांछित भी है घटना बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र की है।

क्या है मामला- 

पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवाजी नगर कालोनी निवासी समाचार प्लस के पत्रकार सतेन्द्र गंगवार को खबर मिली कि प्रदीप उर्फ झण्डू का कोई विवाद कोतवाली बीसलपुर के अंदर माफिया अमन जायसवाल उर्फ निक्की के साथ हुआ है।

इसी खबर पर कवरेज करने व पूछताछ करने सतेन्द्र गंगवार कोतवाली गये सतेन्द्र प्रदीप से कोतवाली के पास ही एक मिलने वाले राकेश मित्तल के गैराज में बात करने लगे तभी किसी ने माफिया अमन जायसवाल उर्फ निक्की और कोतवाल को खबर कर दी।

जिस पर माफिया निक्की कोतवाल की शह पर आपने साथी विनोद ठाकुर, नितिन ठाकुर, शानू जायसवाल, अवनीश शुक्ला व भाई विक्रम जायसवाल संग पहुचा और उसने सतेन्द्र व प्रदीप पर हमला बोल दिया और बुरी तरह मारपीट कर फायर भी किया।

घटना की सूचना जैसे ही सतेन्द्र के बडे भाई जितेन्द्र गंगवार जो ईटीवी के पत्रकार हैं को मिली वो भी घटना स्थल पहुंचे लेकिन आरोपियों ने बात करने के बजाये उनसे भी मारपीट शुरू कर दी।

पत्रकारों के दवाब में मामला तो दर्ज कर लिया- 

सूचना पर पहुंची बीसलपुर कोतवाली पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया और आरोपी माफिया अमन जायसवाल उर्फ निक्की, साथी विनोद ठाकुर, नितिन ठाकुर, शानू जायसवाल, अवनीश शुक्ला व भाई विक्रम जायसवाल पर धारा 147, 148, 307, 452, 323, 504, 506 व 395 में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

विभिन्न संगठनों ने की कोतवाल को बर्खास्त करने की माांग-

ऑल इंडिया बैकवर्ड एम्प्लाइज फेडरेशन (आइबेफ) पीलीभीत के जिलाध्यक्ष जगदीश पटेल ने कहा पत्रकारों पर हमला कोतवाल मनोज त्यागी ने सुनियोजित तरीके से भाड़े के गुंडों से कराया है। श्री पटेल ने कोतवाल की बर्खास्तगी और 6 नामजद गुड़ों की गिरफ्तारी की मांग की। 

अखिल भारतीय बैकवर्ड आंदोलन के जिलाध्य़क्ष हरिपाल सिंह लोधी ने कहा कि बीसलपुर कोतवाली पुलिस गुंडों को गिरफ्तार करने की बजाए उन्हे संरक्षण दे रही है। अगर जल्द ही गिरफ्तारी नहीं होती औऱ कोतवाली को नहीं हटाया जाता तो पूरे जिले का पिछड़ा वर्ग सड़क पर उतरेगा।

चौधरी चरण सिंह किसान सभा के मंडल अध्यक्ष हरीश कुमार गंगवार ने कहा कि कोतवाली मनोज त्यागी पर प्रदीप गंगवार नाम के युवक के साथ दुष्कर्म का आरोप है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। श्री गंगवार ने कहा कि कोतवाली आतंक और अपराध का पर्याय है इसकी बर्खास्तगी सरकार के हित में है।

मुख्य आरोपी की पुलिस में है पैठ- 

मुख्य आरोपी माफिया अमन उर्फ निक्की एक बेहद शातिर किस्म का व्यक्ति है अभी हाल ही में उसके खिलाफ बिलसण्डा के राईस मिल मालिकों ने लाखो रूपये की रंगदारी मांगने के भी आरोप लगाये थे लेकिन पुलिस में अच्छी पैठ होने के कारण इस मामले में समझौता हो गया था।

आरोपी अमन की पुलिस व नेताओं के साथ एक अच्छी पैठ है इसी वजह से वो आजतक बचता चला आया है सपा सरकार में इसकी पैठ कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा व एटा से एमएलसी रमेश यादव से खूब रही वहीं इस भाजपा सरकार में भी इसकी पैठ बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा के पुत्र विवेक वर्मा व अन्य विधायकों संग खूब चल रही है।

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