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2 जुलाई ‘पटेल दिवस’ किसान महारैली में ‘अपना दल’ के मंच पर होंगे पीएम मोदी के धुर विरोधी हार्दिक

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

पाटीदार नेता, पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पटेल आरक्षण आंदोलन के अगुवा या फिर पीएम मोदी के चिर विरोधी युवा तुर्क हार्दिक पटेल को ऐसे कई नामों से आप जानते हैं. यूपी की राजनीति के लिहाज से बड़ी खबर ये है कि फायरब्रांड युवा नेता हार्दिक पटेल 2 जुलाई को उत्तर प्रदेश में अपना दल के संस्थापक बोधिसत्व डॉ. सोने लाल पटेल जयंती ‘पटेल दिवस’ के उपलक्ष्य में अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल द्वारा इलाहाबाद में आयोजित किसान महारैली में शामिल होंगे.

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एक जुलाई को पीएनएस के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे हार्दिक- 

हार्दिक पटेल के साथ अखिलेश कटियार एक कार्यक्रम में

जनता दल यू व पटेल नवनिर्माण सेना के महासचिव अखिलेश कटियार ने बताया कि 1 जुलाई को पीएनएस के विस्तार के लिए हार्दिक उत्तर प्रदेश में होंगे इस दिन लखनऊ में  एवं पटेल नवनिर्माण सेना के पदाधिकारियो एवं कार्यकर्ताओ की बैठक आयोजित की जाएगी. अगले दिन यानि दो जुलाई को अपना दल की तऱफ से पटेल दिवस पर आयोजित किसान महारैली में हार्दिक पटेल और पीएनएस के अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे. पटेल नव निर्माण सेना  के  संगठन मंत्री विनोद गंगवार और संगठन सचिव जय सिंह पटेल को एक जुलाई की बैठक की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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हार्दिक के शामिल होने का मकसद- 

पीएनएस  महासचिव अखिलेश कटियार ने बताया कि किसानों को लेकर केन्द्र सरकार उदासीन बनी हुई है. जब किसान अपनी ही फसल का मूल्य मांगने सड़क पर उतरता है तो उसे गोली मार दी जाती है. प्रधानमंत्री को विदेश यात्राओं और योगा के लिए समय तो मिल जाता है लेकिन किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने उनकी समस्याओं को समझने के लिए उनके पास समय नहीं है. इसलिए हार्दिक पटेल किसानों के समर्थन में और पटेलों को जगाने के लिए संघर्ष करने वाले बोधिसत्व डॉ. सोनेलाल पटेल के सम्मान में आयोजित पटेल दिवस और किसान महारैली में शामिल होंगे.

अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष के आमंत्रण पर आएंगे हार्दिक- 

अपना दल की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने बताया कि बोधिसत्व डॉ. सोनेलाल पटेल उत्तर भारत में पटेलों-पाटीदारों-कमेरों और किसानों की आवाज थे. घर से निकलकर किसान जातियों को उन्होंने राजनीति का पाठ पढ़ाया इसलिए डॉ. साहब के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को हमने पटेल दिवस नाम दिया है. हर साल उनकी जयंती को हम पटेल दिवस के रूप में ही मनाएंगे.

हार्दिक पटेल भी कमेरों, पाटीदारों और किसान के नेता के तौर पर पहचान बना रहे हैं. ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने हार्दिक पटेल को कमेरों की आवाज यशकायी सोने लाल पटेल जी की जयंती और किसान महारैली में बुलाना उचित समझा. पार्टी के तरफ से मैंने हार्दिक पटेल से मुलाकात की और उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है.

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पल्लवी पटेल ने कहा कि मैं किसी और की रैली के बारे में नहीं जानती हां इतना जरूर कहूंगी ये रैली डॉ. सोनेलाल के सिद्धांतों और पटेलों -कमेरों और किसानों के सम्मान में मील का पत्थर साबित होगी. यहां कार्यकर्ता भी किसान-कमेरे होंगे और मंच पर बैठे नेता भी उन्ही के बीच के भाई-बंधु होंगे. हम अपने कार्यकर्ताओं की भीड़ बुलाकर किसी और की राजनीति चमकाने का काम नहीं करते.

मांगे क्या रहेंगी रैली में- 

अपना दल अध्यक्ष कृष्णा पटेल और उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल

अपना दल के प्रवक्ता आरबी सिंह पटेल के अनुसार

1-भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्टों को लागू करने की बात कही थी। जो अभी तक नहीं हुई.

2-प्रधानमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वयं बड़ी-बड़ी रैलियों में संपूर्ण किसानों की कर्जमाफी की बात कही थी। आज जो सरकारें कर्ज माफी की घोषणा कर रही हैं उसमें सिर्फ 32.5 प्रतिशत किसानों  का कर्ज माफ हो सकेगा। 67.5 प्रतिशत छोटे सीमांत किसान जिन्हें कर्ज माफी से वंचित होना पड़ेगा। ऋण माफी से त्वरित लाभ मिल सकता है लेकिन किसानों की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सकेगा।

3-प्रधानमंत्री मोदी से अपेक्षा की है कि किसानों के बेहतरी के लिए कृषि को ‘‘समवर्ती सूची’’ में शामिल किया जाए. कृषि अभी तक राज्यों का विषय है, समवर्ती सूची में आ जाने से कृषि को लेकर केन्द्र और राज्य किसानों के विकास के लिए दोनों दखल दे सकेंगे।
4- किसानों की उपज का 1965 के अनुसार 23 जींसो (फसलों ) का न्यूनतम समर्थन मूल्य महंगाई को देखते हुए तय करना चाहिए। जिसमें कृषि वैज्ञानिक, किसानों के नेता, विपक्ष के नेता को लेकर फसलों के मू्ल्य का आंकलन कर समर्थन मूल्य जारी करें।
5- फसलों के खरीदने की गारंटी सरकार स्वयं ले कोई भी विचैलिया किसानों को गुमराह न कर सके। इसके लिए किसानों के हित में कानून बनाया जाए।

 

 

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