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झारखंड: ‘कुर्मी समाज महारैली’ के आयोजकों का आरोप, BJP सरकार हमारे खिलाफ साजिश में जुटी है

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

अपने हक, अधिकार और हिस्सेदारी की मांग को लेकर काफी से प्रयासरत झारंखड के कुर्मी/कुडमी समाज ने बीजेपी सरकार से अपनी मांग मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता अख्तियार करते हुए आरपार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।

इसी कड़ी में झारखंड कुर्मी समाज के प्रभावशाली संगठन कुर्मी विकास मोर्चा ने 28 जनवरी को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में महारैली करने का ऐलान किया है। आयोजकों के अनुसार इस महारैली में पूरे देश भर से 5 लाख कुर्मियों का महाजुटान होगा।

महारैली की तैयारियों के लिए मोर्चा के पदाधिकारी टीमें बनाकर पूरे प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं। इसके साथ ही जनसम्पर्क के दौरान कुर्मी समाज के युवाओं से अपनी हिस्सेदारी के लिए संघर्ष का आह्वान भी कर रहे हैं।

नेशनल जनमत’ से बात करते हुए कुर्मी विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि झारखंड कुर्मी बहुल प्रदेश है। बावजूद कुर्मी की दुर्दशा दयनीय एवं सोचनीय है। लानत है कुर्मी समाज के नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं पर जो राज्य में कुर्मी समाज को पहचान भी ना दिला सके।

श्री ओहदार बोले राज्य के कुर्मी एकजुट हो जाएं तो प्रदेश ही नहीं देश की राजनीतिक दिशा ही बदल जाएगी। झारखंड में कुर्मी की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार आखिर कौन है? राज्य के कुर्मी विधायक सांसद एवं मंत्री हैं। इन नेताओं की आपसी ईर्ष्या-द्वेष कुटनीति राजनीति से कुर्मी की एकजुटता तार-तार हो गई है।

एसटी में शामिल करने की मांग- 

मोर्चा के युवा अध्यक्ष ओम प्रकाश महतो ने कहा कि 28 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में 5 लाख की भीड़ जुटेगी। इसके माध्यम से अपने कान मे रुई डालकर बैठी बीजेपी सरकार तक कुर्मी समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग उठाएंगे।

श्री महतो ने कहा कि रैली को विफल करने के लिए बीजेपी के लोग हमें कई तरह से परेशान कर रहे हैं। कुर्मियों की एकता को तोड़ने के लिए तमाम तरह के हथकंडे इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

संतोष महतो ने बताया कि झारखंड के कुर्मी आदिकाल से आदिवासी हैं, 1931 की जनगणना में कुर्मी प्रिमिटिब ट्राइबल की सूची में रहते हुए भी एक साजिश के तहत 1950 की अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं किया गया। पिछले सात दशक से कुरमी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है।

उन्होंने कहा कि जब तक हम एकत्रित नहीं होंगे कुर्मी समाज झारखंड ही नहीं पूरे देश में छला जाता रहेगा।

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