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तो क्या लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से झूठ बोला है ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

बेतुके फैसले नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को तोड़कर रख दिया है। इसलिए अब कोई भी बीजेपी नेता इसका बखान करने से कतराता है। लेकिन मोदी जी तो मोदी जी ठहरे, लाल किले की प्राचीर से दे दना दन फर्जी आंकड़े जनता के सामने प्रस्तुत करना शुरू कर दिया।

अंदाज वही आसमान की ओर इशारा करके हाथ घुमा घुमाकर फर्जी आंकड़ों को सच साबित करने पर तुले पीएम साहब ने ये भी नहीं सोचा कि वो लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री के गरिमामय पद के रूप में राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं।

अब प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए नोटबंदी के दिए आंकड़ों के बाद बड़ा सवाल ये है कि झूठ कौन बोल रहा है प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री या आरबीआई के गवर्नर?

तो क्या वित्त मंत्री झूठ बोल रहे हैं ?

अभी एक सप्ताह पहले ही लोकसभा में वित्त मंत्री ने जानकारी दी थी कि नोटबंदी में जमा किए गए नोटों की गिनती कब तक होगी, यह किसी को नहीं मालूम। इसकी गिनती की कोई समय सीमा नहीं है। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से जब देश को चौथी बार संबोधित किया तो इसमें उन्होंने अपने ही अंदाज में झूठ की झड़ी लगा दी।

पीएम मोदी ने बताया कि नोटबंदी से 3 लाख करोड़ रुपए बैंकिंग सिस्टम में आ गए हैं। इसमें से जमा पौने दो लाख करोड़ रुपये का लेनदेन शक के दायरे में है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 2 लाख करोड़ रुपये का कालाधन बैंक पहुंचा है। मोदी ने यह भी कि हमारी सरकार ने तीन लाख शेल कंपनियों को पकड़ा है। इनमें पौने दो लाख कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं।

पीएम ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं, एक ही पते पर 400-400 कंपनियां चल रही थीं। यह पूरी तरह मिलीभगत का खेल हो रहा था। किसी ने इस ओर देखने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि ये सारी कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त थीं। कालेधन पर सरकार की मंशा भांपकर 1 अप्रैल से 15 अगस्त तक 56 लाख नए करदाता सिस्टम से जुड़ गए।

बेनामी संपत्ति को लेकर उन्होंने कहा कि 800 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा, पहले चमड़े का पैसा होता था, आज वह विलुप्त हो चुका है। आज के नोट भी वक्त के साथ बंद होंगे ही, इसलिए हमें जल्दी डिजिटल ट्रांजेक्शन को अपनाना होगा।

तो क्या आरबीआई के गवर्नर झूठ बोल रहे हैं- 

पीएम मोदी द्वारा इन आंकड़ों के बारे में बताने पर वह लोगों के निशाने पर आ गए है। लोगों का कहना है कि पीएम मोदी बड़ी सफाई से झूठ बोल गए। लोगों का कहना है कि RBI के गवर्नर उर्जित पटेल ने संसदीय समिति को बताया है कि रुपयों की गिनती नहीं हुई है।

RBI ने नोट गिनने की मशीन के टेंडर निकाले हैं। अभी कई महीने गिनती चलेगी और मोदी कॉन्फ़िडेंस से बोल गए कि नोटबंदी से तीन लाख करोड़ का काला धन पकड़ा गया है। लोगों का कहना है कि पीएम मोदी ने नोटबंदी के झूठे आंकड़े देकर जनता को गुमराह किया है।

बता दें कि पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 की रात अचानक से नोटबंदी की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद देश में आर्थिक भूचाल आ गया था। नोटबंदी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी, लेकिन नोटबंदी से कितना कालाधन और भ्रष्टाचार आया यह किसी को नहीं मालूम।

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