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कानून ठेंगे पर: जिस एसिड अटैक पीड़िता को सीएम खुद देखने गए थे उस पर फिर से तेजाबी हमला

नई दिल्ली/लखनऊ । नेशनल जनमत ब्यूरो।

यूपी में सीएम योगी की अगुआई में भाजपा की सरकार बनते ही अपराधी किस तरह से बेलगाम हो गए हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन महीने पहले एसिड अटैक से पीड़ित एक महिला पर अपराधियों ने योगी राज के कानून का मखौल उड़ाते हुए एक बार फिर से एसिड से हमला कर दिया।

रायबरेली के ऊंचाहार निवासी एक महिला पर तीन महीने बाद शनिवार रात फिर एसिड अटैक हुआ। यही वो महिला है जिस पर तेजाब फेंकने की घटना के बाद सीएम खुद इससे मिलने मेडीकल कॉलेज गए थे. महिला सीतापुर रोड स्थित एसिड अटैक की शिकार महिलाओं के लिए बने एकल श्रमजीवी आवास में रह रही है। महिला के मुताबिक, रात करीब आठ बजे पानी भरने आंगन में गई इसी दौरान किसी ने उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया। बताया जा रहा है कि श्रमजीवी आवास की दीवार फांदकर आए एक युवक ने महिला पर एसिड फेंका और दीवार फांदकर ही युवक फरार हो गया.

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इस सनसनीखेज मामले की जानकारी होते ही आईजी रेंज जयनारायण सिंह सहित पूरा अमला मौके पर जुट गया। महिला को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, हॉस्टल में 82 युवतियां व महिलाएं रह रही हैं। रात करीब आठ बजे गार्ड राजेश दीक्षित ने पीड़िता को कमरे से बाहर आते देखा। वह आंगन में लगे नल पर पानी भरने पहुंची थी कि अचानक जोर से चीखने लगी। गार्ड दौड़कर पहुंचा तो वहां कोई नहीं था। महिला का गाल झुलसा हुआ था और वह जोर से चिल्ला रही थी। आवाज सुनकर हॉस्टल की महिलाएं और वार्डन मीरा सिंह पहुंच गई।

मीरा सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। गल्ला मंडी चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़िता को ट्रॉमा सेंटर लेकर गए। मामले की जानकारी होते ही आईजी रेंज जयनारायण सिंह, एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा, एएसपी टीजी हरेंद्र यादव सहित कई सीओ और थानेदार घटनास्थल पहुंच गए। महिला ने पुलिस को बताया कि वह पानी भरने पहुंची ही थी कि बाउंड्री फांदकर आया युवक एसिड फेंककर उसी रास्ते भाग निकला।

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पुलिस ने गार्ड व अन्य महिलाओं से पूछताछ की। आईजी जयनारायण सिंह का कहना है कि हॉस्टल मे कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। करीब आठ फिट ऊंची बाउंड्री के पीछे काफी पानी भरा हुआ है। इसलिए वहां किसी के पैर के निशान भी नहीं मिल पाए हैं। इलाके में चोरी से एसिड बेचने वालों की जानकारी पता लगाई जा रही है।

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