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क्या RSS के बाद PM मोदी- अमित शाह ने भी भांप लिया जनाक्रोश, 2019 से पहले करा सकते हैं आम चुनाव

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

देश में उठ रहे सरकार विरोधी स्वर को भांपते हुए कुछ दिन पहले ही आरएसएस ने मोदी सरकार और बीजेपी को चेताया था। आरएसएस की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया था कि 2019 में लोग अपना मन बदल सकते हैं। उधर बढ़ती मंहगाई के कारण मोदी भक्त भी अब विरोध की बातें करने लगे हैं। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार समय से पहले आम चुनाव करा सकती है।

पीएम मोदी और अमित शाह ने पिछले दिनों बीजेपी शासित मुख्यमंत्रियों के साथ नई दिल्ली में बैठक की थी। जिनमें 13 मुख्यमंत्री और 6 उपमुख्यमंत्री शामिल हुए थे। इस बैठक से के बाद जो बातें छनकर आ रही हैं उससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी और शाह वक्त से पहले लोक सभा चुनाव की घोषणा कर सकते हैं।

वहीं पीएम मोदी लोकसभा और विधान सभा चुनाव एक साथ कराने की बात कह चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष को अचानक फैसले लेने के लिए जाना जाता है। ऐसे में 2018 खत्म होने से पहले बीजेपी आम चुनाव की घोषणा कर सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाने का भी फॉर्मूला अमल में लाया जा सकता है।

समय को भांपते हुए पिछले महीने बीजेपी बीजेपी शासित राज्यों के 13 मुख्यमंत्रियों और छह उपमुख्यमंत्रियों की मोदी-शाह के साथ हुई थी। मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक को भी इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।

दरअसल सरकार और संगठन में शीर्ष स्तर पर जिस तरह से विचार किया जा रहा है और जमीनी तौर पर जिस तरह अमित शाह अपना चाक चौबंद मुहिम चला रहे हैं, उससे यही मालूम हो रहा कि वक्त से पहले लोकसभा चुनाव कराने की तैयारी है।

बताते चलें कि लोकसभा चुनाव जून 2019 में होने हैं लेकिन तब तक क्या स्थितियां बनेंगी बीजेपी इसके इंतज़ार में रहना नहीं चाहती। लेकिन 2018 बीजेपी के लिए मुफीद समय है। ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी को 2018 तक कोई चुनौती नहीं मिलने वाली है। जिसके चलते वह 10-12 महीने के सत्ता के लालच को छोड़कर पांच साल की सत्ता हथियाना चाहेगी।

बीजेपी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा के साथ ही लोकसभा चुनाव भी चाहती है। इन तीनों राज्यों में विधानसभा के चुनाव नवंबर-दिसंबर 2018 में होने हैं।

लोकसभा के साथ जब विधानसभाओं के चुनाव होते हैं तो वोटर्स के बीच स्थानीय मुद्दे गुम हो जाते हैं। चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित हो जाता है। ऐसे में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता के खिलाफ नाराजगी का खतरा टल सकता है। बीजेपी ऐसे में भला कहां चूकने वाली है।

आगामी लोकसभा चुनाव के देखते हुए मोदी सरकार जल्द ही गरीबों के लिए लोक लुभावनी योजनाएं लॉन्च करने वाली है। जिससे आम आदमी के वोटों में सेंध लगाई जा सके। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार जल्द ही सुभाग्य योजना को मंजूरी दे सकती है।

इसके तहत चुनाव से पहले हर ग्रामीण घर में सब्सिडी के तहत बिजली देने का लक्ष्य है। सुभाग्य योजना ‘उज्जवला’ की तरह है जिसमें सब्सिडी देकर गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं।

आपको बता दें कई राज्यों में लोग बीजेपी के खिलाफ हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में मोदी सरकार किसानों के लिए अभी तक कुछ खास नहीं कर पाई है। मध्य प्रदेश में आय दिन किसान प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करते हैं। वहीं गुजरात में पाटीदार समुदाय और दलितों ने बीजेपी की चूलें हिला कर रख दी हैं। इन हालातों में बीजेपी किसी भी मौके को हाथ से नहीं जाने देगी।

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