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BBC के पत्रकार ने नलके वाले लोटे को मुस्लिम बना दिया, बोला लोटे को देखकर हिंदु छात्रा डर गई

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

देश में अजीब सा माहौल बनता जा रहा है। गाय हिन्दु तो बकरा मुस्लिम बन रहा है। अब जानवरों के बाद बीबीसी हिन्दी के पत्रकार के गजब ज्ञान ने नलकी वाले लोटे को मुस्लिम बना दिया है।

छत्तीसगढ़ के सामाजिक चिंतक और एक्टीविस्ट हिमांशु कुमार अपनी फेसबुक वॉल पर इसी लोटे के मुस्लिम बनने पर पत्रकार के अल्पज्ञान की धज्जियां उड़ाई हैं-

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बीबीसी हिंदी ने एक खबर प्रकाशित की है जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में हिन्दू विद्यार्थियों को होने वाली  अजीब सी परेशानियों के बारे में लिखा गया है ।

इस रिपोर्ट में लगाए गए तमाम इलज़ाम पहली नजर में बिलकुल बेहूदा और मनगढ़ंत नजर आ जाते हैं। कई सारे आरोपों का जवाब वहीं के लोग दे चुके हैं।

अब लोटे का भी धर्म बता दिया पत्रकार ने- 

बहरहाल इस रिपोर्ट में एक बेहद संगीन इलजाम लगाया गया है  जिसकी चर्चा करना बेहद जरूरी है। वह इलजाम है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में टायलेट में टोंटी/नलकी वाले लोटे रखे रहते हैं जिसे देख कर हिन्दू छात्रा डर गई। असल में यह रिपोर्ट एक हिन्दू लड़की से मिली जानकारी के आधार पर लिखे जाने का दावा किया गया है।  लेकिन उस लडकी ने बाद में बताया कि मैंने लोटे से परेशानी के बारे में कुछ नहीं कहा था। यानी पत्रकार ने अपनी नापसन्दगी को लड़की के हवाले से लिख दिया था |

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अब सोचिए इस नलकी वाले लोटे का जुर्म क्या है- 

अब नलकी वाले मुसलमानी लोटे पर आते हैं । यह मुलजिम लोटा हो सकता है कि मुसलमानों के साथ इस्लाम के साथ साथ अरब से आया हो।
लेकिन अगर इस लोटे का जुर्म महज़ यही है कि यह भारत के बाहर से आया है।  तो भारत के बाहर से और ख़ास तौर से मुसलमानों के मुल्कों से तो इतनी चीज़ें आई हैं कि अगर हम सारी मुसलमानी चीज़ों को अपनी ज़िन्दगी से बाहर कर दें तो फिर तो हिन्दुस्तान नंगा ही हो जाएगा |
मसलन आपका पजामा ही मुसलमानी है, आपका अंगरखा तो बचा नहीं, कुर्ता ज़रूर मुसलमानी है, जेब भी वापिस कीजिये क्योंकि वह भी बाहर से आयी है ? ध्यान दीजिये संस्कृत में तो जेब के लिए कोई शब्द ही नहीं है।

बहुत सी चीज मुसलमानी हैं उनका क्या करेंगे- 

हलवा भी मुसलमानी है उसके लिए भी संस्कृत में कोई शब्द नहीं है।  हाँ खीर के लिए तस्मइ शब्द ज़रूर है । आलू , गन्ना, गाजर, चुकन्दर, सब भारत के बाहर से आया है। भगवान को जो प्रसाद चढ़ा रहे हो उसकी चीनी जिस गन्ने से बनी है वह भी तो बाहर से आई है भक्तगणों।

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नलकी वाले लोटे के फायदे- 

वैसे मुझे तो यह नलकी वाला लोटा बहुत पसंद है मैं इस लोटे की नलकी का अविष्कार करने वाले का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। हमारे हिन्दू लोटे से जरूरत से ज्यादा पानी  जमीन पर गिर जाता है जबकि इस नलकी वाले लोटे के इस्तेमाल से आप जितनी ज़रूरत हो उतना ही पानी हाथ पर गिरा सकते हैं।

जब मैं छोटा था तो मेरी मां के पास एक नलकी वाला ताम्बे का लोटा था।  मां उसे लेकर रोज़ नंगे पाँव मन्दिर जाती थीं और शिव को जल चढ़ाती थीं। मेरी मां तो ब्राह्मण थीं, लेकिन हो सकता है तब तक भारत में चूंकि राष्ट्रवादी सरकार नहीं बनी थी और कांग्रेसियों ने इस लोटे के मुसलमानी होने पर कोई एतराज़ नही किया था। देशद्रोही कांग्रेसी कहीं के।

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वैसे डरते डरते एक खबर यह भी दे दूं कि बाबा रामदेव जो जल नेति कराते हैं उसमें भी इसी नलकी वाले वाले मुसलमानी लोटे का इस्तेमाल करवा रहे हैं |

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