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यादव परिजनों के साथ ‘कुर्मी, पाल, मौर्य पासी’ समाज की मांग, CBI से जांच हो ब्राह्मणों की मंशा साफ हो

लखनऊ/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

रायबरेली के अपटा कांड में मारे गए अपराधियों को ब्राह्मण समाज का प्रतीक पुरुष बनाकर ब्राह्मण संगठनों की बयानबाजी और प्रदर्शनों ने मामले को उलझा दिया है। अब मामले में सियासत इस कदर गरमाती जा रही है कि आज दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के बैनर तले रायबरेली के इंसाफ पसंद लोगों ने विधानसभा गेट पर धरना देकर इस मामले की निष्पक्ष और सीबीआई जांच की मांग की।

इस मामले में जेल भेजे गए राजा यादव की मां और ग्रामप्रधान रामश्री यादव और राजा यादव की पत्नी ने गांव और जिले के हजारों समर्थकों के साथ विधानसभा का घेराव कर मामले की निष्पक्षता के साथ सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।

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सीबीआई से जांच हो ब्राह्मणों की मंशा साफ हो- 

इस दौरान दलित-पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि पांच बदमाशों की हत्या जैसे बड़े मामले में भी योगी सरकार सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाना चाहती। जांच होने से सारी बात स्पष्ट हो जाएगी कि अपराधी आखिर गांव में आए ही क्यों थे ? क्या सरकार खुद नहीं चाहती की सच सामने आए ?

उस दिन प्रधान परिवार पर हमला करने आया बदमाशों का साथी युवक मनीष मिश्रा अभी तक फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की है। इस दौरान अपटा कांड में फंसाए गए निर्दोष प्रधान पुत्रों एवं पूर्व प्रमुख शिवकुमार यादव एवं राजेन्द्र यादव प्रधान की गिरफ्तारी को तानशाही कार्रवाई बताया गया।

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धरना प्रदर्शन में मांग- 

1. पीड़ित यादव पक्ष की ओर से किसी भी हमलावर के खिलाफ FIR न दर्ज होना।
2. पुलिस द्वारा बेवजह ग्रामीणों का उत्पीड़न किया जाना।
3. सीबीआई जांच की मांग।

मनोज पांडे के गुर्गे के खिलाफ एफआईआर की मांग- 

मोर्चे के पदाधिकारियों ने इस दौरान क्षेत्रीय विधायक मनोज पांडेय व उनका गुर्गा मनीष मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की।पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार इस कांड में जातिगत पक्षपात कर रही है जो निंदनीय है। यादव पक्ष की ओर से एफआईआर न दर्ज करना पुलिस की संवेदनहीनता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पीड़ित की एफआईआर दर्ज करना पुलिस का पहला काम है पुलिस ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया।

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कुर्मी-पाल- मौर्य- यादव-पासी महासभा एकजुट-

सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीपी पाल, प्रबुद्ध पिछड़ा वर्ग संघ के संरक्षक एवं पूर्व प्राचार्य डॉक्टर राम बहादुर वर्मा, पाल सभा के जिला अध्यक्ष पीएल पाल एडवोकेट, रामदेव मौर्य एडवोकेट, पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष गणेष प्रासद मौर्य, कुर्मी महासभा के जिला अध्यक्ष भारत लाल वर्मा, यादव महापंचायत के अध्यक्ष हीरा लाल यादव, मौर्य समाज के अध्यक्ष गजाधर प्रसाद मौर्य, रामनरेश पासी, शिव प्रसाद विश्वकर्मा, छोटेलाल पासी, राम नारायण प्रजापति, राजा घोसी, घनश्याम निर्मल एडवोकेट, इंद्रपाल गौतम, रामकिशोर मौर्य, शिव बहादुर पाल आदि लोगों ने निर्दोष लोगो के साथ अपनी पूरी सहमति जताते हुए आगे भी सहयोग की बात कही।

 

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