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महंत आदित्यनाथ के राज में शिक्षा पर पाखंड भारी, कांवड़ियों के खौफ से बंद रहेंगे 5 दिन स्कूल

नई दिल्ली। नेशनल जनमत  ब्यूरो 

प्रदेश को वैज्ञानिक सोच की ओर ले जाने की बजाए महंत आदित्यनाथ की सरकार में अवैज्ञानिक ढ़ंग से धार्मिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। पहले सीएम ने फैसला लिया था कि कांवड़ियों के रास्ते में पड़ने वाले गूलर के पेड़ कटवाए जाएंगे क्योंकि ये अशुभ होते हैं। इस फैसले पर सोशल मीडिया में सीएम की सोच का जमकर मखौल बना था।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगो ने कहा था कि सीएम का ये फैसला ना सिर्फ अवैज्ञानिक है बल्कि असंवैधानिक भी है, क्योंकि संविधान में स्पष्ट है कि कोई भी राज्य सरकार अपने राज्य को वैज्ञानिक ढ़ंग से आगे बढ़ाएगाी और अंधविश्वास का खात्मा करेगी। अब उनकी सरकार के डीएम ने स्कूल पांच दिन तक बंद रखने का आदेश दिया है।

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जैसे सीएम वैसे डीएम- 

किसी भी मुख्यमंत्री के क्रियाकलापों से अधिकारी उनकी प्राथमिकताएं पढ़ने में माहिर होते हैं। ऐसे में जब सीएम ही धार्मिक हैं तो उनके अधिकारियों का शिक्षा की बजाए आस्था को महत्व देना कोई बड़ी बात नहीं है। गाजियाबाद के डीएम डीएम मिनिस्ती एस. नायर ने कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने का प्रबंध कर दिया है।

इसके लिए डीएम ने मंगलवार यानि कल से जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 22 जुलाई तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसकी पीछे प्रशासन का तर्क है कि कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ रोड, जीटी रोड, लिंक रोड समेत अन्य रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। ऐसे में बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होगी। बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान 5 दिन के लिए स्कूलों की छुट्टी की गई है।

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इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार सत्येन्द्र पी एस लिखते हैं कि-

कांवड़ियों के खौफ से गाज़ियाबाद में 5 दिन तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। तमाम सड़कों को बंद डाइवर्ट किया गया , वह अतिरिक्त गिफ्ट है।
आज 15-20 कांवड़ियों को एक पुलिस वाला स्कॉर्ट कर रहा था । उन्हें गुजरने के लिए 10 मिनट सड़क रोकी गई, फिर आधे घण्टे तक सड़क जाम रही।

ऐसा फील हुआ कि धार्मिक गुंडों के अलावा किसी का कोई अधिकार नहीं है, देश यही चलाते हैं और सब कुछ प्रभु की लीला से चल रहा है!

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