फड़नवीस सरकार को मंहगी पड़ सकती है अन्नदाता की अनदेखी, हिंसक होता जा रहा प्रदर्शन

नासिक, पुणे,सतारा। नेशनल जनमत ब्यूरो।

देवेन्द्र फड़नवीस सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण महाराष्ट्र का किसान सड़क पर उतरने को मजबूर हैं. किसानों की मांग है कि जब भाजपा सरकार यूपी के किसानों का कर्ज माफ कर सकती है तो फिर कर्ज में डूबे और कई साल से सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र के किसानों का कर्जा माफ क्यों नहीं कर रही है.

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दूध और सब्जी की सप्लाई रोक देंगे किसान- 

किसानों की मांग है कि जब तक महाराष्ट्र सरकार यूपी के किसानों की तरह महाराष्ट्र के किसानों का पूरा कर्जा माफ नहीं करती तब तक किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करते रहेंगे. मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के साथ इस संबंध में वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने आंदोलन की राह पकड़ी है. इस आंदोलन में किसानों ने  विरोध स्‍वरूप कई जगहों पर हजारों लीटर दूध बहा दिए और सब्जियों व फलों की आपूर्ति रोक दी . किसानों ने पहले ही इसकी चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांग नहीं पूरी की गई तो वे शहरों तक दूध, फल-सब्‍जी नहीं पहुंचने देंगें.

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आम लोगों का दैनिक जीवन हो सकता है प्रभावित – 

अगर जल्द ही देवेन्द्र फड़नवीस सरकार ने आंदोलनकारी किसानों की मांगों को नहीं माना तो मुम्बई और पुणे जैसे महानगरों में दूध औऱ सब्जियों की सप्लाई कट जाने से हाहाकार मच जाएगा. खाने -पीने की जरूरी वस्तुओं की सप्लाई रुकने से शहरों के जीवन पर बुरा असर पड़ेगा.  एक सब्‍जी विक्रेता ने मांग की कि यहां भी कर्ज माफ कर देना चाहिए क्‍योंकि सब्जियों और फलों की कम आपूर्ति के कारण इनकी कीमतें बढ़ जाएंगी.

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हिंसक होता जा रहा है आंदोलन- 

इस बीच, कुछ-कुछ जगहों पर किसानों के आंदोलन के हिंसक होने की भी खबर है.   नासिक, सतारा, पुणे सहित कुछ जगहों पर छिटपुट हिंसा की वारदातें भी सामने आई हैं. सतारा के पास किसानों ने एक दूध टैंकर चालक पर हमला बोल दिया. नासिक के पास कुछ पुलिस वाहनों पर पथराव भी किया गया. अहमदनगर जिले में किसान हाईवे पर दूध गिराकर विरोध करते नजर आए।

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कृषि उत्‍पादों की गिरती कीमतों और अन्‍य संबंधित मुद्दों को लेकर किसान कर्ज से मुक्ति चाहते हैं। हड़ताल के कारण मुंबई और पुणे जैसे शहरों में सब्जियों, फलों इत्‍यादि को लेकर संकट पैदा हो सकता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि वे एक जून से शहरों में जाने वाले दूध, सब्जी समेत अन्य उत्पादों को रोक देंगे।

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