You are here

महाराष्ट्र में ‘मिशन सरदार पटेल’ को संभाजी ब्रिगेड का साथ, दिल्ली में अखंडघाट के लिए होगा आंदोलन

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के सम्मान की लड़ाई की रूपरेखा बनाने के लिए मुम्बई में एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में संभाजी ब्रिगेड, मराठा सेवा संघ, वीर भगत सिंह विद्यार्थी परिषद, रिपब्लिकन फ़ोर्स जैसे महाराष्ट्र के बड़े संगठन एकजुट हुए.  इस दौरान सरदार श्री को सम्मान दिलाने के लिए पूरे भारत मे जन आंदोलन शुरू करने की रूपरेखा बनी. मिशन द सरदार पटेल के नाम से ये आंदोलन गुजरात से शुरू होकर दिल्ली तक पहुंचेगा.

मिशन द सरदार पटेल के  तहत एकजुट हुए सभी संगठनों का कहनना है कि मोदी सरकार सरदार पटेल के नाम पर धोखाधड़ी कर रही है. देशभर में कुर्मी, पटेल, पाटीदार तथा समस्त कृषक समाज उग्र आंदोलन की तैयारी में है.

इसे भी पढ़ें-दो जुलाई को पटेल दिवस किसान महारैली में अपना दल के मंच पर होंगे पीएम मोदी के धुर विरोधी हार्दिक पटेल

 

मिशन से जुड़े लोगों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि- 

अखंड भारत राष्ट्र के जनक लोहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर मोदी सरकार ने जो सियासत खेली है वह खुली धोखाधड़ी है ।राजधानी दिल्ली मे अभी तक सरदार पटेल के नाम से  कोईभी स्मारक क्यो नही है ? दिल्ली का उनका निवास स्थान 1 औरंगजेब रोड जो राष्ट्रीय स्मारक घोषित होना चाहिए था वो बेच दिया गया.

इसे भी पढ़ें- स्वंयू भी राष्ट्रवादी जी न्यूज के मालिक सुभाष चंद्रा के बेटे ने देश को लगा दिया 11 हजार करोड़ का चूना

स्मारक ऐसी जगह बन रहा है जहां सरदार का अनुयायी नहीं पहुंच सकता- 

मुंबई के ‘गिरगांव’ मे उन्हे अंतिम विदाई दी गयी वहाँ पर भी कोई स्मारक नहीं बनाया गया. क्या यह हमारे राष्ट्रपुरुष का अपमान नही है. क्या ये देश का अपमान नही है  ? सरकार ने 3 हजार करोड़ के सरदार स्मारक की घोषणा की है. लेकिन स्मारक ऐसी जगह बनाया जा रहा है, जहां आम आदमी सरलता पूर्वक जा ही न पाए। जाए तो टूरिस्ट बनकर।  यह सरदार श्री के खिलाफ बहुत बडा षड़यंत्र एवं धोखाधड़ी है .

आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने का बदला ले रही है बीजेपी सरकार-

गांधी जी की हत्या के बाद 1948 मे सरदार जी ने जनसंघ पर पाबंदी लगायी थी उसका बदला ये सरकार आज ले रही है।  इसलिए भारत के हर राज्य में बहुत बड़ा आंदोलन शुरू किया जा रहा है।  “मिशन-द-सरदार पटेल” के नाम से यह तीव्र आंदोलन होगा।  जिसमे कुर्मी, मराठा, पटेल, पाटीदार, जाट, गुर्जर आदि सभी जातियां जो कृषक समाज कहलाती हैं वे शामिल होंगी।

इसे भी पढ़ें- नेशनल जनमत के संपादक से बदसुलूकी पर नप गए रोडवेज कर्मी परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने की कार्रवाई

संगठन की मुख्य मांग – 

1- सरदार पटेल की स्मृति में दिल्ली राजधानी मे अखण्डघाट बनाया जाए ।
2- सरदार पटेल के पुराने आवास 1 औरंगजेब रोड दिल्ली में म्यूजियम स्थापित किया जाय.
3- सरदार पटेल के अन्तिम संस्कार स्थल मुम्बई गिरगांव चौपाटी पर सरदार का समाधिस्थल स्थापित किया जाय ।
4- सभी विश्वविद्यालयों में सरदार चेयर स्थापित किया जाय
5- देश के किसानों की समस्या से मुक्ति के लिए किसान आयोग का गठन किया जाय। जो प्रत्येक 10 साल बाद वेतन आयोग की तरह किसानों के आय की स्थिति की समीक्षा करे और दस सालो की पॉलिसी बनाये।

इन्हीं सब मुद्दे के साथ संगठन अन्य सामाजिक न्याय व जनहित की मांग से सरकार को अवगत कराता रहेगा और न्याय नही मिलने तक संघर्ष भी करेगा

 

Related posts

Share
Share