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महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ के मामले में ‘चरित्रवान’ BJP के सांसद, विधायक नम्बर- 1

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

चुनावों के दौरान बीजेपी समेत विभिन्न राजनीतिक दल साफ सुधरे छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने की वकालत करते हैं। लेकिन ये वकालत महज भाषणबाजी तक सीमित रह जाती है।

हाल ही में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के विधायकों और सांसदों के एफिडेविट के आधार पर किए अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में चाल-चरित्र और चेहरे की बात करने वाली बीजेपी के विधायकों पर सबसे ज्यादा महिलाओं के खिलाफ दुराचार के मामले होने की बात सामने आई है।

इस रिपोर्ट में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों 51 सांसद, विधायकों पर महिला के खिलाफ अपराधों के मामले सामने आए हैं। 51 में 3 सांसद और 48 विधायक ऐसे हैं जिन्हे यौन उत्पीड़न के मामलों में दोषी पाया गया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर एक गैर सरकारी संगठन है जो चुनाव सुधारों पर काम के लिए जाना पहचाना नाम है।

बीजेपी के विधायक छेड़छाड़ में आगे- 

राजनीतिक दलों का विवरण प्रस्तुत करते हुए एडीआर ने अपने अध्ययन में कहा है कि महिलाओं के खिलाफ दुराचार के मामलों में बीजेपी के नेता अव्वल हैं। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ मामले में बीजेपी के 14 विधायक-सांसद, शिवसेना के 7 और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के 6 विधायक शामिल हैं। जिन पर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं।

एडीआर के अध्ययन में कहा गया कि, विभिन्न पार्टियों के 51 सांसद और विधायक ऐसे हैं जिन पर महिलाओं पर हमला करने जबरदस्ती उनकी नैतिक गरिमा को ठेस पहुंचाने, अपहरण करने, भगाकर ले जाने, जबरदस्ती शादी करने, नाबालिगों की खरीद फरोख्त करके उन्हें वेश्यावृत्ति के पेश में धकेलने जैसे संगीन आरोप हैं।

एडीआर और चुनाव आयोग ने मौजूदा सांसदों और विधायकों द्वारा चुनाव के दौरान दिए गए 4,896 में से 4,852 एफिडेविट का विश्लेषण किया। जिनमें 776 में से 774 एफीडेविट सांसदों के वहीं 4,120 में से 4078 विधायकों के एफीडेविट शामिल किए गए।

इनमें 1,581 सांसद और विधायकों को आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है। वहीं 51 सांसद और विधायकों को ऐसे एफीडेविट थे जिनमें वे महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषी पाए गए।

देखिए पूरी खबर- 

http://www.hindustantimes.com/india-news/bjp-has-highest-no-of-mps-and-mlas-with-cases-of-crime-against-women-study/story-UKFaWnMeVYCXCED03AZdGP.html

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