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बछड़े की मौत पर धर्म के ठेकेदारों ने विधवा को सुनाई 7 दिन तक दूसरे गांव में भीख मांगने की सजा

नई दिल्ली/भिंड, नेशनल जनमत ब्यूरो।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक बछड़े की मौत हो गई। बछड़े की मौत का कारण उसे गले में रस्सी फंसने को बताया जा रहा है। जिसे समाज के लोगों ने गौवंश की हत्या माना। धर्म के इन ठेकेदारों ने 55 वर्षीय विधवा कमलेशी को सात दिन गांव से बाहर करने और भीख मांगने की सज़ा सुनाई है।

दरअसल गाय का दूध पी रहे बछड़े को हटाते समय गले मे रस्सी फंसने से उसकी मौत हो गई। जिसे गौरक्षकों ने बछड़े की मौत को गौवंश की हत्या का दोषी करार दिया। पंचायत ने विधवा महिला को सात दिन के लिए गांव से बाहर निकाल दिया। पंचायत ने अपने फैसले में कहा, महिला सात दिनों तक दूसरे गांव में भीख मांगे और जो पैसे एकत्र हों उससे गंगा नहाकर ही गांव वापस लौटे।

राजस्थान पत्रिका के मुताबिक भिंड के श्रीवास नगर निवासी बेवा कमलेशी शुक्रवार करीब 6 बजे गाय का दूध निकाल रही थी। दूध निकालने से पहले उसने दूध पीने के लिए बछड़ो को छोड़ दिया। बेचारी कमलेशी जब बछड़े को गाय से अलग करने लगी तो बछड़ा अड़ गया।

महिला ने जब जोर देकर उस बछड़ो को खींचना चाहा तो रस्सी उसके गले फंस गई। जिसके कारण बछड़ा गिर गया और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।

बछड़े की मौत की भनक सुनते ही गांव के गौरक्षक और तथा कथित धर्म को ठेकदारों सुबह पंचायत बुलाई। समाज के इन लोगों ने महिला को घर से निकाल कर उसे भीख मांगने का फरमान सुना दिया। पंचायत के फैसले पर विधवा कमलेशी फूट-फूट कर रोने लगी।

इन गौरक्षकों और धर्म के ठेकेदारों के आगे कमलेशी का बेटा लाचार दिखा। उसने कहा कि सुबह माँ दूध निकाल रही थी और खींचते समय बछड़े की मौत हो गई। उसने कहा कि समाज के लोगों ने फैसला किया है मैं क्या कर सकता था?

वहीं भिंड के पार्षद मुकेश गर्ग ने पंचायत के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई उन्हेंने कहा, पालतू जानवर के अनजाने में मर जाने पर महिला के लिए पंचायत का फैसला अमानवीय होने के अलावा गैरकानूनी भी है। मैं इसके खिलाफ कलेक्टर से शिकायत करूंगा।

वहीं भिंड के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार कुशवाहा ने कहा इस मामले की जानकारी ली जाएगी। यदि वाकई महिला के साथ इस तरह का घटनाक्रम हुआ है तो अमानवीय होने के अलावा गैर कानूनी भी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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