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तो क्या गौमूत्र और गोबर पर खोजी पत्रकारिता करवाएंगे, माखनलाल पत्रकारिता वि.वि. के कुलपति !

नई दिल्ली/भोपाल। नेशनल जनमत ब्यूरो।

केन्द्र और बीजेपी शासित राज्यों की भगवा सरकारें शिक्षण संस्थानों में भी अपना संघी एजेंडा चलाने से बाज नहीं आ रहीं। कुछ ही दिन पहले देश के प्रतिष्ठित जेएनयू विश्नविद्यालय कैम्पस में कुलपति प्रो. एम जगदीश द्वारा युद्ध टैंक रखवाने की बात कही गई थी अब देश में पत्रकारिता के एकमात्र विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के भोपाल कैम्पस में गौशाला शुरू करने की घोषणा कर दी गई है।

खबर के अनुसार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में पड़ी खाली जगह में गौशाला खोली जाएगी। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के नए कैंपस में खाली जमीन का बेहतर उपयोग करने के लिए गौशाला खोलने का फैसला किया गया है।

वहीं माखनलाल चतुर्वेदी पूरे देश में अकेला विश्वविद्यालय है जहां पर सिर्फ पत्रकारिता से जुड़े कोर्स ही पढ़ाए जाते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति बी के कुठियाला ने कहा, हमारे पास 50 एकड़ के कैंपस हैं जिसमें से दो एकड़ जमीन पर गौशाला बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा गौशाला बनाने का मकसद विश्वविद्यालय के छात्रों को दूध मक्खन और घी उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे कहा, गौशाला के साथ-साथ यूनिवर्सिटी में शाक-सब्ज़ी की भी खेतीबाड़ी की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एमसीआरपी का नया कैंपस शहर से दूर करीब 50 एकड़ क्षेत्रफल में विशनखेड़ी में बनाया जा रहा है। जहां पर 500 छात्रों के लिए छात्रावास और कर्मचारियों के रहने की की व्यवस्था की जाएगी। छात्रों और कर्मचारियों की ज़रुरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने गौशाला और सब्ज़ी उगाने का फैसला लिया है।

कुठियाला ने बातचीत में कहा कि हमारे पास करीब 2 एकड़ की जमीन ऐसी है, जिसके इस्तेमाल को लेकर हम कुछ भी तय नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में शिल्पकारों के सामने इसके इस्तेमाल का सवाल खड़ा हुआ। इस बारे में हमारे पास कई सुझाव आए, जिनमें से एक गोशाखा शुरू करने का भी था।

वहीं, विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने बताया कि नए परिसर में लगभग पांच एकड़ जमीन शेष है, उसमें से दो एकड़ में गौशाला बनाई जाएगी और शेष में सब्जी उगाने का काम किया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसल की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर आरएसएस के गुरुओं को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पत्रकारिता के विश्वविद्यालय के लिए इन चीज़ों का क्या मतलब है? उन्होंने आगे कहा कि छात्र यूनिवर्सिटी पत्रकारिता करने आएंगे या फिर गोसेवा करने।

वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव बादल सरोज ने अपने बयान में कहा, दिल्ली के जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में टैंक रखने की खबर थी और अब भोपाल के पत्रकारिता विश्वविद्यालय में गौशाला खोलने का प्रस्ताव आया है।

ऐसा करके क्या संस्थान खोजी पत्रकारिता की क्षमता बढ़ाने के लिए गोबर और गौमूत्र पर शोध प्रबंध लिखवाएगी? वहीं, कई पूर्व छात्रों ने भी इस फैसले को हास्यास्पद करार दिया है।

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