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मंदसौर में किसानों की मौत का गुस्सा काशी तक पहुंचा, चेहरे पर लाल रंग पोतकर प्रदर्शन

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर फायरिंग एव उनकी हत्या की आंच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी तक पहुंच गई है. घटना के विरोध में बुधवार को जॉइंट एक्शन कमेटी के नेतृत्व में लंका स्थित बीएचयू गेट से अस्सी घाट तक पैदल मार्च निकाला गया और सभा की गई. गोली से मृत किसानों के प्रति श्रद्धांजलि दी गयी तथा घायल लोगो के प्रति सवेंदना व्यक्त की गई.

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लाल रंग से चेहरा रंगकर जताया विरोध-

प्रदर्शन के दौरान सभी लोग अपने चेहरे को लाल रंग से रंगे हुए थे . कमेटी के लोगो ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की खामोशी इस बात का प्रमाण है कि इस घटना के प्रति असंवेदनशील है सरकार.

भाजपा सरकार दलित किसान विरोधी है. कर्जमाफी का झूठा वादा करके सत्ता में आई भाजपा सरकार किसानों की हत्या करवा रही है . मार्च लंका से अस्सी घाट जाकर सभा मे तब्दील हो गयी. कार्यक्रम की शुरूआत में किसान नेता रामजन्म ने कहा कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में हुई किसानों की मौत हत्या है.

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किसानों की मांग जायज है- 

-सरकारी डेयरी द्वारा दूध खरीदी के दाम बढ़ाए जाएं.

-फसलों का उचित दाम किसानों को मिलें।

-स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं. किसी फसल पर जितना खर्च आता है, सरकार उसका डेढ़ गुना दाम दिलाए।

-1 जून से शुरू हुए आंदोलन में जिन किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाए।

-मध्यप्रदेश के किसानों की कर्जमाफी

-राष्ट्रीय कृषि नीति आयोग की तत्काल गठन कि मांग भी शामिल हो आगे से , जहाँ कम से कम किसान अपनी बात तो रख सके

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किसानों ने मांगा हक, मिली मौत –

भारत के अन्नदाता किसान ने केवल अपना हक मांगा था. देश मे किसान बदहाल है सरकार से अपनी पीड़ा कही और अपना हक मांगा बदले में शिवराज सरकार ने मौत की नीद सुला दिया. जॉइंट एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया कि बदहाली का जीवन जीने के अभिशप्त किसानों को भाजपा सरकार ने उचित मूल्य के बदले मौत दी है.

देश मे अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं. सरकार और मीडिया गरीबो की जिंदगी के साथ खेल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित मे कोई योजना नही बनाई. केवल झूठे वादों के बल पर सत्ता में आई भाजपा सरकार किसानों के साथ छल कर रही है किसान की कीमत गोली के रूप में दे रही है जो काफी निंदनीय है देश की आवाम कभी माफ नही करेगी.

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समाजसेवी एस के राय ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करो.  बीएचयू के शोधार्थी रामायण पटेल ने कहा कि देश के निजाम के पास किसान की पीड़ा समझने के लिए वक्त नही है. इस तरह की निकम्मी सरकार की देश को कोई जरूरत नही है. सरकार बिचौलियों को मौका दे रही लेकिन किसान अपना हक मांग रहे है तो गोली दे रहे है उनकी जिंदगियां छीन रही है .

जागृति राही ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार व्यापम घोटाले को दबाने के लिए किसानों पर गोली चलवाई देश को कुपोषण मुक्त बनाने वाले किसान की हत्यारी सरकार है .

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