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म.प्र. पुलिस की गुंडई के शिकार हुए मरणासन्न मनीष पटेल की मां की अपील, ‘प्लीज मेरे बेटे को बचा लो’

नई दिल्ली/भोपाल, नेशनल जनमत ब्यूरो।

मध्य प्रदेश की रीवा पुलिस की गुंडई का शिकार युवक मनीष पटेल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। वहीं एक बेकसूर बेटे को मरणासन्न हालत में पहुंचाने वाले एसआई शिवा अग्रवाल को सिर्फ निलंबित करके मध्य प्रदेश प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ लिया।

‘शवराज’ में तब्दील हो चुकी शिवराज सरकार में अंधेरगर्दी का आलम देखिए रेलवे में कार्यरत एक इंजीनियरिंग की पढ़ाई किए युवक को पुलिस बिना कारण बताए इतनी बर्बरता से पीटती है कि आज वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। लेकिन सरकार इस गरीब परिवार की मदद करने के बजाए उसकी मौत का तमाशा देख रही है।

मनीष की मां की अपील मेरे बेटे को बचा लो- 

आर्थिक तंगी से गुजर रहे मनीष को max hospital delhi भेजा जा रहा है। हममें से हर कोई शायद मैक्स अस्पताल के खर्चों से वाकिफ है। ऐसे में मनीष की मां सरोज पटेल कहतीं हैं कि सरकार से अब कोई उम्मीद तो रही नहीं लेकिन घर की आर्थिक स्ठिति ठीक ना होने के कारण मनीष के इलाज के लिए पैसों की सख्त ज़रूरत हैं।

‘नेशनल जनमत’ मनीष की मां सरोज पटेल की तरफ से समाजसेवियों से अपील करता है कि जिससे जितना हो सके उतना सहयोग उसकी माता जी सरोज पटेल के खाता संख्या 496402010904872 यूनियन बैंक, सिरमौर चौराहा रीवा म.प्र. में भेज दें। ताकि एक बेकसूर बेटे को बचाने में आपकी कमाई काम आ सके।

क्या है मामला- 

मध्यप्रदेश में फैली अंधेरगर्दी के बीच खबर रीवा जिले से है। यहां एक युवक के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता के साथ मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस की गुंडई के शिकार 24 वर्षीय मनीष पटेल ने भोपाल से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग करने के बाद रीवा रेलवे में ही संविदा कर्मचारी के रूप में ज्वाइन कर लिया था।

जानकारी के अनुसार पीड़ित रीवा के समदड़िया होटल के पास खड़ा था तभी अचानक दो बाइकों से आये चार युवकों ने यह कहकर छीना-झपटी शुरू कर दी कि तुमने मेरे साथ पहले भी मारपीट की है। लेकिन वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से मामला शांत करा दिया।

थाने ना ले जाकर निजी स्थान पर की मारपीट-

देर रात संस्कृत मैरिज गार्डन में मनीष पटेल एवं उन युवकों की फिर से मुलाकात हो गई। इसके बाद आरोपी युवकों ने अपने मित्र एसआई शिवा अग्रवाल एवं आरक्षक कमला प्रसाद के साथ मिलकर युवक मनीष को शुक्रवार को लगभग शाम 5 बजे लैंडमार्क होटल के सामने से पकड़कर निजी वाहन स्विफ्ट डिजायर में बैठा कर कहीं ले गए।

मनीष पटेल जिस पल्सर बाईक से चलता था उसे एक आरक्षक द्वारा समान थाने में लाकर खड़ा कर दिया गया और युवक को अन्यत्र ले जा कर जमकर मारपीट की गई। इसकी जानकारी होते ही युवक का भाई श्याम पटेल 6 बजे थाने पहुंचा लेकिन उस वक्त युवक थाने में नहीं था।

श्याम पटेल का आरोप है कि उसके सामने ही करीब 6:15 बजे मनीष को थाने लाया गया। मनीष की हालत गंभीर थी और वह बार-बार खड़े-खड़े गिर रहा था। थाने के स्टाफ द्वारा श्याम को थाने से भगाकर आनन-फानन में संजय गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।

इस मामले में अस्पताल स्टाफ का कहना है कि युवक को प्रकाश पटेल नाम के व्यक्ति द्वारा भर्ती कराया गया है लेकिन परिवार के लोगों का आरोप है कि युवक को थाना प्रभारी समान प्रभात शुक्ला एवं एसआई अग्रवाल द्वारा पुलिस वाहन में ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पतालों के बीच झूलते रहे परिजन-

रात्रि 1:30 बजे के करीब मनीष को संजय गांधी अस्पताल से रेफर कर दिया गया और इसके बाद परिजन मनीष को विंध्या अस्पताल ले गए जहाँ उसे डाक्टरों ने भर्ती करने से इनकार करते हुए जबलपुर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद मनीष को एम्बुलेंस से जबलपुर ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मायूस परिजन उसे लेकर लौट ही रहे थे कि अचानक उसके शरीर में कुछ हलचल दिखी।

जबलपुर से वापस आते वक्त रीवा पुलिस के अधिकारियों के कहने पर जगह जगह पर पुलिस द्वारा बीच सड़क पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका गया । इतना ही नहीं रीवा पुलिस ने पीड़ित की माँ के साथ चोराहटा वाईपास के पास अभद्र व्यवहार भी किया जिसमें पीड़ित की मां का इस झीना झपटी में हाथ भी फैक्चर हो गया है।

इसके बाद मनीष को फिर से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में वेंटिलेटर पर रखा गया था। मामले से आक्रोशित मनीष के परिजनों और पटेल समाज के आक्रोशित युवाओं ने शनिवार रात को समान थाने का घेराव करके दोषी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग भी की।

मंत्री की जनता से दूरी-

थाने का घेराव करने पहुंचे आक्रोशित युवकों का कहवा था कि जिले से तालुक्क रखने वाले मंत्री राजेन्द्र शुक्ला की जनता से दूरी और सत्ता का घमंड अब ज्यादा दिन तक रहने वाला नहीं है क्योंकि लगातार प्रशासन का कहर झेल रही आम जनता अब कराह रही है और इन्हें अब वर्तमान सरकार को वनवास भेजने की तैयारी कर चुकी है।

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