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जाति तोड़कर शादी करने वाली बेटी के पति को मार डालो, क्या यही है मनु का विधान

जयपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो

जयपुर में गर्भवती बेटी के सामने ही उसके फौजी पिता और मां ने बेटी के इंजीनियर पति की गोली मारकर हत्या करवा दी. इस मामले ने राजस्थान और देश के जातिवादी माहौल की कलई खोलकर रख दी है. युवाओं द्वारा सोशल मीडिया में भी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.जातिवाद की बेड़ियां तोड़ने पर आतुर राजस्थान के युवा इस नृशंस हत्याकांड के खिलाफ खुलकर लिख रहे हैं.

सोशल मीडिया पर हाईकोर्ट में लगी मनु की मूर्ति पर उठे  सवाल-

सामाजिक कार्यकर्ता और खुद प्रेम विवाह करने वाले जितेन्द्र महला अपने फेसबुक पर गुस्सा प्रकट करते हुए लिखते हैं- मनुवाद के सबसे मजबूत गढ़ राजस्थान की राजधानी जयपुर में मनु की मूर्ति लगी है. मनु महाराज साक्षात मूर्ति से बाहर निकल आए हैं. दर्शन लाभ लेना है तो जयपुर पहुंचिए. मेट्रो सिटी जयपुर में मनु महाराज की मेहरबानी से 19 मई 2017 को जाति और पितृसत्ता अपने सबाब पर है. मनु महाराज को क़ाबू करना है. इंसानियत के लिये क्या आप इतनी सी मदद नहीं कर सकते ?

क्या वाकई मानसिक बीमारी है जाति का सम्मान- 

करीब दो साल से प्रेम विवाह करने वाले दंपति साथ रह रहे थे, इसके बाद भी फौजी पिता को अपने मान सम्मान और झूठी इज्जत की चिंता खाए जा रही थी. अमित के भाई के अनुसार अमित नायर ने सीकर की रहने वाली ममता चौधरी से प्रेम विवाह किया था. अमित केरल का रहने वाला है और जयपुर में सिविल इंजीनियर है. अमित के ससुरालवाले शुरू से ही उसकी शादी के खिलाफ थे. उन्होंने कई बार ममता को वापस बुलाने की कोशिश की, लेकिन ममता नहीं गई.

इस समय ममता गर्भवती है. ममता के माता-पिता अमित के घर आए. कमरे में बैठे. अमित को बुलाया. तीनों में विवाद हुआ और बात चल ही रही थी कि दो युवक घर में आए और सोफे पर बैठे अमित पर तीन गोली चला दी. अमित को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद सास- ससुर फरार हैं लड़की के भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है.

हर पांचवीं हॉरर किलिंग भारत में- 

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े बताते हैं कि इज्जत के नाम पर दुनिया भर में हर पांचवीं हत्या भारत में होती है. आंकड़ा 5,000 का दिया गया है लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता इसे कहीं ज्यादा बताते हैं. संयुक्त राष्ट्र का दावा है कि विश्व स्तर पर इन 5,000 हत्याओं में 1,000 भारत में होती हैं. हालांकि गैरसरकारी संगठनों का कहना है कि दुनिया भर में इनकी संख्या 20,000 तक है. आम तौर पर भारत के छोटे शहरों और गांवों में इज्जत के नाम पर हत्या कर दी जाती है.

 

 

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