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जंगलराज: दंगा भड़काने की कोशिश, मस्जिद में फेंका सूअर का मांस टोका तो मौलवी को गोली मारी

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

योगी आदित्यनाथ के शासन काल में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे. सीएम योगी गऊ सेवा और योगा में व्यस्त हैं उधर कानून व्यवस्था की स्थिति दिन ब दिन खराब होती जा रही है. अब उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में फिर से साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश हुई है। वहां मस्जिद से नमाज पढ़कर निकल रहे मौलवी को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद माहौल बिगाड़ने के लिए हत्यारों ने मस्जिद में सूअर का मांस भी फेंक दिया।

घटना के बाद से इलाके में तनाव है। हालांकि मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कैम्प कर रहे हैं। मामला मऊ जिले के नसीरगांव का है। मस्जिद के बाहर और गांव में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस हत्यारे की तलाश कर रही है। मऊ में पहले भी साम्प्रदायिक हिंसा हो चुकी है, इसलिए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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मऊ जिले के नसीरपुर गांव में अराजक तत्वों ने गुरुवार की देर रात माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। बाइक से आए बदमाशों ने गांव की मस्जिद में पहले प्रतिबंधित जानवर का मांस फेंका, वहां मौजूद वृद्ध मौलवी के टोकने पर उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

माहौल बिगाड़ना चाहते थे हत्यारे-

वारदात से गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक हड़कंप मच गया। एसपी सहित अन्य आलाधिकारी रात में ही मौके पर पहुंच गए। एसपी के आदेश पर गांव में एहतियातन फोर्स तैनात कर दी गई है। शुक्रवार को अलविदा की नमाज के बाद वृद्ध का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा।

मृत मो. यूनुस (70) सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के निवासी थे। गांव निवासी अब्दुल जब्बार (58) के संग मो. यूनुस पाक माह के आखिरी असरे में एतिकाफ में थे। गुुरुवार की रात को तराबीह की नमाज होने के बाद जब सभी रोजेदार घर चले गए तो रात के करीब 11 बजे मो. युनुस और अब्दुल जब्बार मस्जिद परिसर में खाना खा रहे थे।

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जब्बार के अनुुसार तभी दो युवक वहां पहुंचे, इस दौरान एक ने बोरा फेंका। अंधेरा होने के कारण दोनों बोरे में क्या है, यह देख नही पाए, लेकिन यूनुस ने टोका, कौन है क्या फेंके हो। इतनी बात पर युवकों में से एक ने यूनुस को लक्ष्य कर फायर कर दिया। गोली यूनुस के बाएं तरफ कमर पर लगी। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। यह देख जब्बार अवाक रह गया।

उसके शोर मचाने पर जब तक लोग जुटे। थोड़ी देर में मौके पर गांव और घायल के परिवार के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल को उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया। डाक्टरों ने वाराणसी रेफर कर । लेकिन सैदपुर जाते जाते यूनुस की मौत हो गई।

दूसरी तरफ घटना की सूचना मिलने पर मौके पर सरायलखंसी के साथ अन्य थाने की पुलिस पहुंची। बाद में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, एएसपी शिवाजी शुक्ला मय फोर्स अस्पताल पहुंचे। एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करने के साथ गांव में फोर्स तैनात कराने का आदेश दिया।

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रमजान माह के आखिर में ईद पर्व के करीब होने पर इस तरह की घटना को अंजाम देने के पीछे बड़ी साजिश है। वैसे पुलिस हर बिंदुओं पर पड़ताल कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी।

सीएम का आदेश बेअसर-

गौरतलब है कि योगी आदित्य नाथ की सरकार बनने के बाद भी यूपी के कई इलाकों में साम्प्रदायिक और जातीय तनाव फैले हैं। अलीगढ़ से लेकर सहारनपुर तक योगी राज में कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। हालांकि, सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राज्य में कानून व्यवस्था लागू करने को अपनी पहली जिम्मेदारी बताई थी। उन्होंने कहा था कि या तो अपराधी यूपी छोड़ दें या अपराध छोड़ दें। बावजूद इसके यूपी में न तो अपराध कम हुए और न ही अपराधी.

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