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मायावती की सभा से लौट रहे दलितों को तलवारों से काटा, एक की मौत सात घायल

सहारनपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो

यूपी के सहारनपुर में सुलग रही जातीय दंगे की आग थमने की बजाए बढ़ती ही जा रही है. सरकार और प्रशासन की मौन स्वीकृति से एक जाति विशेष का तांडव सर चढ़कर बोल रहा है. मंगलवार शाम बसपा अध्यक्ष मायावती की सभा से लौट रहे दलितों पर ठाकुरों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया, जिससे एक दलित युवक की मौत हो गई. एक मुस्लिम व्यक्ति समेत सात दलित गंभीर रुप से घायल हो गए.

सुरक्षा को देखते हुए गांव में भारी मात्रा में पुलिस फोर्स और अर्द्धसैनिक बल के जवानों को तैनात कर दिया गया. इस वारदात से पूरे जनपद में तनाव का माहौल बना है. मुजफ्फरनगर में तैनात एसएसपी बबलू कुमार को शासन ने सहारनपुर भेज दिया है. उधर, इस बाबत जिला प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है.

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घात लगा कर बैठे थे जातिवादी हमलावर-

रैली से लौटते हुए दलित जैसे ही बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव चंदपुर पहुंचे पहले से घात लगाए बैठे ठाकुरों ने तलवार, चाकू और तमंचों से लैस होकर दलितों के काफिले पर हमला बोल दिया. हमलावरों ने चुन-चुन कर दलितों के साथ मारकाट की. दलितों पर हुए हमले के बाद चारों ओर चीख पुकार मच गई. मौके पर जमा हुई भीड़ को देखकर हमलावर तलवार और तमंचे लहराते हुए फरार हो गए. पुलिस घायलों को जिला अस्पताल ले गई जहां दलित युवक आशीष निवासी गांव सुआखेड़ी को मृत घोषित कर दिया. गंभीर रुप से घायल हैदर और छह अन्य दलितों की हालत नाजुक होने के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.

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तलवारों से बुरी तरह से काटा दलितों को – 

दंबगो की ओर से फायरिंग और पथराव किया गया. ठाकुर बिरादरी की ओर से तलवारे निकालकर चलाई गई. गोली लगने से सरसावा निवासी एक युवक गंभीर रुप से घायल हो गया, जबकि तलवार लगने से सरसावा के ही दो युवक घायल हुए हैं.

मायावती के आने से पहली भी हुई हिंंसा

बसपा सुप्रीमो मायावती के पहुंचने से पहले सहारनपुर में बवाल प्रभावित गांव शब्बीरपुर में फिर से जातीय हिंसा हो गई. दलित और ठाकुरों में फिर जमकर बवाल हुआ. आगजनी की गई और एक दूसरे पर पथराव किया गया.

इस हिंसा में जहां भीम आर्मी के कुछ सदस्यों ने ठाकुर बिरादरी के दो घरों में आग लगा दी, वहीं ठाकुरों ने भी फायरिंग और जमकर धारदार हथियार चलाए. गोली और तलवार लगने से तीन दलित घायल हो गए. यहां दलित सरसावा के रहने वाले बताए जाते हैं. गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी है और पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है।

बवाल के बाद फिर स्थिति तनावपूर्ण-

किसी तरह से पुलिस फोर्स ने स्थिति को नियंत्रित किया. डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष चंद दुबे गांव में डेरा डाले हुए हैं. गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी है. सुरक्षा के लिहाज से गांव में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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