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मायावती के प्लान की हवा से ही नतमस्तक हो गई BJP, फूलपुर लोकसभा सीट खाली कराने से डरी !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

सोशल मीडिया पर एक चर्चा जोरों पर है कि मायावती उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट उपचुनाव लड़ने के लिए राज्यसभा से इस्तीफा देकर आईं हैं। अगर उस चर्चा में कुछ सच्चाई है तो मायावती के इस कदम को सम्पूर्ण विपक्ष का समर्थन मिलना भी तय माना जा रहा था।

अब खबर आ रही है कि सोशल मीडिया पर आई इस खबर की पुष्टि होने से पहले ही बीजेपी में उथल पुथल मच गई है और बीजेपी ने मायावती के सामने हथियार डाल  दिए हैं। खबरों के अनुसार अब बीजेपी केशव प्रसाद मौर्य से फूलपुर सीट हार के डर से खाली ही नहीं कराना चाहती।

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अगले दो महीने में हर हाल में कराने होंगे चुनाव- 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने लोकसभा चुनाव के पहले सोचा भी नहीं होगा कि उनका फूलपुर सांसद का पद एक दिन डिप्टी सीएम की कुर्सी के गले की हड्डी बनेगा। क्योंकि उन्हें डिप्टी सीएम पद पर बने रहने के लिए सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। इनके इस्तीफा देते ही बीजेपी की एक लोकसभा सीट हाथ से निकल जाएगी और एक बार फिर इस सीट के लिए चुनाव होगा। अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो डिप्टी सीएम पद की कुर्सी खाली करनी पड़ेगी।

ऐसे माना जा रहा है कि सांसदी चुनाव हुआ तो फुलपुर के सियासी मैदान में बीजेपी को मुंह की खानी पड़ सकती है। ऐसे में बीजेपी प्रदेश की सबसे चर्चित सीट को खोने के मुड में नहीं नजर आ रही है। यही कारण है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को 20 जुलाई को सांसद पद से इस्तीफा देना था। लेकिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य केंद्र की राजनीति का मोहरा बन कर रह गए हैं।

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अभी मायावती के फूलपुर से लड़ने की चर्चा मात्र है- 

बीजेपी के इस अप्रत्याशित फैसले के पीछे भी एक राजनीतिक चर्चा मात्र है कि राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद मायावती केशव प्रसाद मौर्या द्वारा छोड़ी जाने वाली फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं. आपको बता दें कि बीएसपी ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है

हालांकि उसने हालिया चुनावों में मिली करारी हार के बाद बीएसपी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए मायावती की रणनीति का खुलासा जरूर किया है. जिसमें बताया गया है कि राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली 18 तारीख को हर महीने दो मंडलों में एक रैली करेंगी. पार्टी में नई जान फूंकने के लिए मायावती ने 18 सितंबर 2017 से 18 जून 2018 तक यूपी दौरे का कार्यक्रम बनाया है.

क्या ये यूपी से केशव प्रसाद मौर्य को हटाने की साजिश है- 

सोशल मीडिया पर वायरल मायावती का ‘फूलपुर प्लान’ अगर सच भी है तो केशव मौर्य को केन्द्र में ले जाना बीजेपी की एक रणनीति हो सकती है। क्योंकि बीच-बीच में ये खबर आती रहती हैं कि केशव प्रसाद अड़कर सीएम योगी से अपने काम करवा लेते हैं। दूसरी तऱफ बीजेपी फूलपुर जैसी हाई प्रोफाइल सीट कभी भी गंवाना नहीं चाहेगी और वह केवल इसी तरह ही उपचुनाव को टाल सकती है.

वह 2019 के चुनावों के आसपास ऐसी किसी हार के लिए तैयार नहीं होगी. यूपी बीजेपी के नेता फिलहाल इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचने की कोशिश कर रहे हैं. उनके मुताबिक पार्टी का जो भी फैसला होगा बता दिया जाएग

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