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UP में सभी 403 विधायकों की जान खतरे में विधानसभा के अंदर तक पहुंचा शक्तिशाली विस्फोटक !

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशल जनमत ब्यूरो 

गौसेवा, योगा और भक्ति में डूबे महंत आदित्यनाथ की बेपरवाही का आलम ये है कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की हालत बद से बदतर होती जा रही है। कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बैखोफ अपराधियों ने अब  सीधे यूपी की विधानसभा पर ही हमले की योजना बना ली है। ना सिर्फ योजना बनाई है बल्कि शक्तिशाली विस्फोटक विधानसभा सदन के अंदर तक पहुंचा भी दिया गया।

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सीएम ने बुलाई आपात बैठक- 

उत्तर प्रदेश में उस वक्त हड़कंप मच गया जब विधानसभा के अंदर शक्तिशाली विस्फोटक मिलने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई है। घटना 12 जुलाई (बुधवार) की है। जो विस्फोटक बरामद हुया है वह काफी शक्तिशाली है।

विस्फोटक बरामद होने के बाद उसे फॉरेंसिक लैब में भेजा गया जिसके बाद इस बात की पुष्टी हुई की यह काफी शक्तिशाली विस्फोटक था। विस्फोटक का नाम पीईटीएन (PETN) बताया जा रहा है। घटना को लेकर संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया है। फिलहाल यूपी विधानसभा का सत्र चल रहा है। अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि आखिर किसने विस्फोटक को सदन के अंदर रखा। मामले की जांच में पुलिस जुट गई है

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नेता विपक्ष की कुर्सी के पास रखा था सफेद पाउडर- 

ये जो सफेद पाउडर के रूप में विस्फोटक बरामद हुआ है ये नेता विपक्ष रामगोविंद चौधरी की कुर्सी के पास रखा था। अब हरकत में आई इंटेलीजेंस और यूपी पुलिस इस बात में जुट गई है कि आखिर ये विस्फोटक विधानसभा के अंदर पहुंचा कैसे है।

दिल्ली हाइकोर्ट धमाके में हुआ था इस्का इस्तेमाल- 

जो विस्फोटक विधानसभा में पाया गया है वह काफी खतरनाक होता है, इसका इस्तेमाल दिल्ली हाई कोर्ट के भीतर धमाके में किया गया था। हालांकि सुरक्षाकर्मियों को विधानसभा के भीतर किसी भी तरह का डेटोनेटर नहीं मिला है। माना जा रहा है कि अगर सदन के भीतर डेटोनेटर पहुंच जाता तो बड़ा धमाका किया जा सकता था। विधानसभा में 403 विधायक हैं, ऐसे में इस घटना के बाद प्रशासनिक अमला काफी सतर्क हो गया है।

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क्या है पीईटीएन:

पीईटीएन को पेंटाइरिथ्रीटोल टेट्रानाइट्रेट के नाम से जाना जाता है। इसे प्लास्टिक बमों में सर्वाधिक शक्तिशाली और खतरनाक माना जाता है। इसे डिटेक्ट करना बहुत मुश्किल है। इसके अणु बेहद संगठित होते हैं। इसके कुछ ही अणु बाहर के वायु के साथ संपर्क कर पाते हैं। इसलिए कुत्ते या सेंसर तक इसकी पहचान नहीं कर पाते। अल आसिरी द्वारा बनाये गये पीईटीएन बमों की खासियत यह है कि इसे साधारण सीरिंज से भी केमिकल डेटोनेटर के जरिये विस्फोट किया जा सकता है।

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