You are here

पीएम मोदी की विदेश नीति फेल, ड्रेगन चीन ने फिर रोकी मानसरोवर यात्रा, बीच में फंसे तीर्थ यात्री

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुरी तरह फ्लॉप होने और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा देश को गंदा कहने के बाद मोदी सरकार की  विदेश नीति भी फेल होती नजर आ रही है. अब पड़ोसी देश चीन ने भारत सरकार की लाख कोशिश के बाद भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं दी है। चीन ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर अडंगा डालने के उद्देश्य से नाथूला दर्रे को बंद कर दिया है। जिससे कई भारतीय तीर्थ यात्री बीच में ही फंस गए हैं।

इसे भी पढ़ें…मोदी सरकार की नीतियों से अर्थव्यवस्था हो गई बर्बाद, लाखों लोग हुए बेरोजगार

पीएम मोदी के सत्ता मे आने पर लोगों को अनुमान था कि भारत की अर्थव्यवस्था चीन को पछाड़ देगी

2014 में लोक सभा के चुनाव से पहले भाजपा नेताओं ने देश के लोगों को ये विश्वास दिलाया था कि भाजपा की सरकार बनते ही चीन के खिलाफ भारत आक्रामक नीति अपनाएगा औऱ चीन को हर क्षेत्र में कड़ी चुनौती देगा. पर मोदी सकरार की गलत नीतियों के कारण चीन को चुनौती देना तो दूर चीन से अपनी सीमाओं को सुरक्षित करना भी अब आसान दिखाई नहीं दे रहा है। भाजपा नेताओं का दावा था कि मोदी सरकार के सत्ता में आते ही लोगों को ये अनुमान था कि भारत की अर्थव्यवस्था चीन को पछाड़ देगी ।

इसे भी पढ़ें…कश्मीरा पंडितों की जन्मजात श्रेष्ठता पैरों तले रौंद डीयू की मेरिट में आगे निकले आरक्षण वाले छात्र

चीन ने भारत की अर्थव्यवस्था की उड़ाई खिल्ली – 

सरकार के सत्ता में आने पर मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण आज भारत की अर्थव्यवस्था धड़ाम हो गई. लाखों लोग बेरोजगार हो गए। हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा भी 15 लाख रूपए देने की ही तरह जुमला ही निकला। हालात ये हैं कि जिस चीन को पीएम मोदी आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर घेरने की बात कह रहे हैं, उसी चीन ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की जमकर खिल्ली उड़ाई है. चाीनी मीडिया में भारत की गिरती अर्थव्यस्था पर चुटीले लेख लिखे. और प्रधानमंत्री मोदी को आर्थिक मामलों में एक नासमझ प्रधानमंत्री घोषित कर दिया.

इसे भी पढ़ें…मोदी सरकार निजीकरण के बहाने कर रही आरक्षण खत्म, बिहार में आरक्षण समर्थक छात्रों का उग्र प्रदर्शन

चीन ने नहीं दी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की अनुमति-

 

चीन ने विदेश नीति के मौर्चे पर भी पीएम मोदी को करारी पटखनी देते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए अपना नाथुला दर्रा नहीं खोला. कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा करने वाले एक जत्थे को चीन ने इंटरनेशनल बॉर्डर पार करने की इजाजत देने से इंकार कर दिया। भारतीय श्रद्धालुओं की कैलाश मानसरोवर यात्रा में रोड़ा अटकाते हुए चीन ने नाथुला दर्रे के रास्ते को बंद कर दिया है जिसके चलते अब इन्हें उत्तराखंड के दुर्गम रास्ते से यात्रा करनी होगी।

इसे भी पढ़ें…जस्टिस कर्णन की गिरफ्तारी पर छिड़ी बड़ी बहस, क्या देश आज भी मनुस्मृति से शासित हो रहा है

विदेश मंत्रालय का दावा, चीन से बातचीत हो रही है

इस मामलो को लेकर भारत सरकार की ओर से चीन से बात की जा रही है। विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को बताया गया कि नाथुला दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर चीन के साथ बातचीत की जा रही है।

मोदी सरकार की गलती की सजा भुगत रहे हैं श्रद्धालु- 

चीन मामलों के जानकारों का मानना है कि जब मोदी सरकार को पता था कि चीन ने नाथुला दर्रा बंद कर दिया है तो उसने उस रास्ते से श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति कैसे दे दी. लोगों को हो रही परेशानियों के लिए पूरी तरह से मोदी सरकार जिम्मेवार है. चीन की ओर से अंतरराष्ट्रीय सरहद पार करने की इजाजत ना मिलने के कारण कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए निकले 47 श्रद्धालु भारतीय सरहद पर 20 जून से फंसे हुए थे। शुक्रवार शाम को वह सिक्किम की राजधानी गंगटोक लौट आए।

इसे भी पढ़ें- बीएचयू कुलपति प्रोफेसर त्रिपाठी के राज्य में खत्म हुए ओबीसी-एससी-एसटी के पद, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

चीन का बहाना- 

खबर है कि आर्मी की 17th माउंटेन डिवीजन में मौजूद अपने सूत्रों के हवाले से कहा कि चीन के इजाजत नहीं देने की एक वजह चीनी हिस्से में संभावित भूस्खलन हो सकता है। जिसके चलते चीन ने अनुमति नहीं दी हो। वहीं, सिक्किम की राजधानी गंगटोक में रह रहे तीर्थयात्रियों का कहना है कि चीन की ओर से हमें प्रवेश की मंजूरी नहीं मिलने का कोई कारण नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नाथुला से कुछ 7 किमी दक्षिण में शेरतांग में एक कैंप में रखा है।

चीन अपनी बात से पलटा- 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वस्त किया था कि भारतीय श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए नाथुला दर्रे का उपयोग करने दिया जाएगा। लेकिन अब अचानक इस रास्ते को बंद कर दिया गया है। इसे लेकर भारत अब चीन से बातचीत कर रहा है। हर साल करीब 40 हजार श्रद्धालु और सैलानी कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं, जिसमें से 80 प्रतिशत भारतीय होते हैं। 12 जून से शुरू हुई यह यात्रा 8 सितंबर 2017 तक चलेगी। हिंदुओं के साथ-साथ यह जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा दो अलग-अलग रूट से होती है। इसमें एक रूट उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रा और दूसरा सिक्किम का नाथुला दर्रा है।

Related posts

Share
Share