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मोदी सरकार की शिक्षा नीति के खिलाफ BHU से उठी आवाज, शामिल हुए जवान तेजबहादुर यादव

बनारस । नेशनल जनमत ब्यूरो 

मोदी सरकार की शिक्षा नीति के खिलाफ छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. जबसे हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की मौत हुई है तबसे मोदी सरकार को छात्रों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. देश भर के छात्र अपने लिए रोजगार और विश्वविद्यालय में जातिवादी भेदभाव और मोदी सरकार की छात्र और शिक्षा विरोधी नीति  के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.

सैनिक तेजबहादुर ने भी  किया आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन- 

केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शैक्षिक आंदोलन को बीएचयू गेट से मिनी पीएमओ तक  मार्च करके प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन दिया गया. विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र इस प्रदर्शन में शामिल  हुए. इस आंदोलन में  मुख्य रूप से सैनिकों के खाने को लेकर आवाज उठाने वाले सैनिक तेज बहादुर यादव  ने आकर छात्रों को समर्थन दिया. जेएनयू आंदोलनकारी दिलीप यादव दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे.

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यूनाइटेड स्टूडेंटऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले हुआ प्रदर्शन

आज यूनाइटेड स्टूडेंट्स ओर्गेनाइजेसन की टीम की तरफ से नेहा यादव द्वारा  प्रधानमन्त्री मोदी को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि  “भारत के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों मे एक समान शिक्षा नियम व् अधिकार बनाने हेतु, यूजीसी नियमों के बदलाव एवं विभिन्न रोजगारों पर लगी रोक समाप्त हो,” एवम् मानव सन्साधन विकास मंत्रालय द्वारा एक समान केंद्रीय विश्वविद्यालय नियम न होने की वजह से छात्रो को शिक्षा के क्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा है .

जिसके लिए यूनाइटेड स्टूडेंट ओर्गेनाइजेसन के नेताओं की मांग है  कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के नियम व् अधिकारो को एक समान लागू किया जाये है . क्योकि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को यही से संचालित किया जाता है किन्तु सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के मुख्य नियम व् अधिकार अलग अलग लागू किये जाते है. जिससे सभी अपनी मनमानी अनुसार कार्य करते है जिसकी मुख्य समस्याएं अग्रलिखित है

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ये रहीं छात्रों की मुख्य समस्याएं- 

1- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में ऑब्जेक्टिव बेस्ड एक इंट्रेंस पेपर प्रक्रिया लागू किया जाये एवम् कुछ सीट रिजर्व सेल्फ इंट्रेंस कराने को दी जाए।

2- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एक समान फीस लागू की जाए एवम् फीस बढोत्तरी को कम कर गरीबी रेखा से नीचे के बच्चो को फ्री शिक्षा दी जाए।

3- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विभागों में छात्र छात्राओ के संख्या बल के अनुसार होस्टल सीट बड़ाई जाए जिससे बच्चे पढ़ाई न छोड़ सके और फैकल्टी अनुसार सभी जगह होस्टल आवंटित हो.

4- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हॉस्टलो का साल में वॉशआउट हो पर बच्चो को समर होस्टल प्रदान करना.

5- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्र संघ् लागू किया जाये किन्तु छात्र संघ् चुनाव के नियमो के उलंघन कर्ता को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से हमेशा के लिए रोक दिया जाये.

6- रिसर्च स्कॉलर को द्वितीय वर्ष से प्रैक्टिस क्लास लेने का नियम लागू हो किन्तु अनिवार्य मनमानी बन्द कराई जाए.

7- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शोध छात्र छात्राओ को फेलोशिप की धनराशि कम से कम 18000 लागू की जाए जिससे वह शोध के खर्च को उठा सके.

8- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शोध छात्र छात्राओ से जे.आर.एफ. फेलोशिप में से एच आर ए प्लस फीस दोनों में से एक को काटा जाये एवम् एच आर ए 2000 से अधिक न काटा जाए.

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9- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 24×7 लाइब्रेरी एवम् साइबर लाइब्रेरी सुबिधा लागू की जाए.

10- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कम से कम छात्र एवम् छात्राओ को होस्टल आउटिंग समय रात्री 9:30 से 10 बजे तक का लागू किया जाए.

11- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अनिवार्य रूप से महिला सशक्तिकरण हेतु सेल्फ डिफेन्स कार्यक्रम लागू किया जाये .

12- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह अनिवार्य रूप से सभी छात्र छात्राओ को लागू किया जाए

13- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 24 घण्टे स्टडी सेंटर निगरानी में अनिवार्य रूप से बनाये जाने चाहिए

14- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कैम्पस आवागमन हेतु हर आधे घण्टे पर कैम्पस गेट से बस चलाई जाए एवम् बाहर के बच्चो हेतु 25 से 30 किलोमीटर की रेंज तक विश्वविद्यालय बस सुबिधाये दी जाए.

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15- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हर विभाग की फैकल्टी की परफॉर्मेंस जांच एवम् उनके पढ़ाने के स्तर को बच्चो द्वारा आंकलन कराया जाये.

16- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों का एक समान सिलेबस सिस्टम लागू किया जाए

17- प्रत्येक वर्ष क्लासेज के नवीनीकरण को सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लागू किया जाए

18- उच्च शिक्षा को कम्प्यूटर बेस किया जाए हर जगह

19- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सेमीनार कॉन्फ्रेंस सिम्पोजयम डिबेट और सांस्कृतिक गतिविधियों को अनिवार्य रूप से अधिक से अधिक एक्सचेंज सिस्टम से लागू किया जाये

20- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हर साल टॉपर्स मीट आई.ए. एस. ,पी.सी.एस. ऑफिसर्स मीट कराई जाए .

21- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में साल में एक बार सभी विभागों से शैक्षिक कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाये जिससे संस्कृति और शिक्षा का अन्य क्षेत्रो से मिलाप संभव हो.

22-शिक्षकों की नियुक्ति विभागीय आधार पर हो न की विश्विद्यालय के आधार पर

23- सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से केवल विषय परीक्षा मेरिट के आधार पर हो.

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