You are here

‘उच्च कोटि के गौभक्त’ पीएम मोदी की सरकार ने बूचड़खानों को दे दी 68 करोड़ रुपये की सब्सिडी

नई दिल्ली । नेशनल जनमत ब्यूरो।

लगता है कि पीएम मोदी  द्वारा हर खाते में 15 लाख रुपए देने और हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने की तरह ही पशु धन की रक्षा करने का वादा भी जुमला ही निकला।  2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने गुलाबी क्रांति की बात करते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार द्वारा बूचड़खानों को सब्सिकडी देने से देश के पशुधन समाप्त हो रहा है। पर आज जब उनकी सरकार बन गई है तो भी बूचड़खानों को पहले की ही तरह ही सब्सिडी मिल रही है।

इसे भी पढ़ें…गाय के नाम पर मुस्लिमों की हत्या कर देना हिंदुत्व के सिद्धांत के खिलाफ है – शिवसेना

आपको बता दें कि बूचड़खानों को सरकार द्वारा मदद मिलने के कारण गांवों में पशुओं की चोरी बहुत बढ़ गई है। पशु चोर गांवों से लोगों के पशु चुराकर बूचड़खानों में बेच देते हैं औऱ एक बार पशु के बूचड़खाने में कट जाने पर किसी तरह की कोई शिनाख्त नहीं हो सकती। जिससे पशु तस्कर के पकड़े जाने की सम्भावना भी कम हो जाती है। पश्चिम यूपी के गांवों में पशुओं की चोरी  एक बड़ा मुद्दा रही है।

आरटीआई से हुआ है खुलासा- 

लोगों को उम्मीद थी कि केन्द्र में भाजपा की सरकार बनते ही बूचड़खानों पर रोक लगने के साथ ही अरब देशों को किए जाने वाले  मीट निर्यात पर भी रोक लगाई जाएगी पर मोदी सरकार ने तो कांग्रेस सरकार की बूचड़खानों को सब्सिडी देने की योजना को भी खत्म नहीं किया है।

प्रमुख हिंदी दैनिक जनसत्ता के मुताबिक  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बीते तीन सालों में बूचड़खानों के लिए लगभग 68 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। यह खुलासा एक आरटीआई के जवाब में मिली जानकारी से सामने आया है। जनता दल (यूनाइटेड) के एक नेता ने इस संबंध में आरटीआई डाली थी। दरभंगा में जदयू नेता इकबाल अंसारी ने यह आरटीआई दायर की थी।

इसे भी पढ़ें…ओवैशी ने गलत क्या कहा , ये देश वाकई किसी के बाप का नहीं है

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी दी कि सब्सिडी बूचड़खानों के संस्थापन और नवीनीकरण के लिए मुहैया कराई गई थी। खबर के मुताबिक, आरटीआई से यह खुलासा भी हुआ है कि जिन राज्य में भारतीय जनता पार्टी की या फिर उनके सहयोगी दलों की सरकार थी, उन्हें ज्यादा सब्सिडी मुहैया कराई गई। वित्त वर्ष 2014-15 में आंध्र प्रदेश को 4.5 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 3 करोड़, कर्नाटक को 1.02 करोड़, नागालैंड को 1.10 करोड़, पंजाब को 0.33 करोड़, सिक्किम को 0.19 करोड़ और तमिलनाडु को 0.15 करोड़ रुपये की सब्सिडी केंद्र सरकार से मिली।

आंकड़ों के मुताबिक मोदी सरकार में बूचड़खानों की सब्सिडी बढ़ी-

इसी तरह वित्त वर्ष 2015-16 के लिए आंध्रा प्रदेश की सब्सिडी बढ़कर 6 करोड़ रुपये हो गई। वहीं कर्नाटक को भी 0.17 करोड़, पंजाब को 0.79 करोड़, सिक्किम को 1.33 करोड़ और नागालैंड को 4.82 करोड़ रुपये मिलने से इन राज्यों की सब्सिडी में वित्त वर्ष 2014-15 की तुलना में इजाफा हुआ। वहीं गोवा को 1.85 करोड़, झारखंड को 2.59 करोड़, केरल को 5.86 करोड़, तेलंगाना को 2.71 करोड़ और पश्चिम बंगाल को 1.04 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली।

इसे भी पढ़ें…योगीजी के मन का मैल साफ करने के लिए गुजरात के दलितों ने भेजा 125 किलों की साबुन

इसके बाद अगले वित्त वर्ष 2016-17 के लिए बूचड़खानों को दिए जानी वाली सब्सिडी के दामों में बदलाव देखने को मिलते हैं। आंध्र प्रदेश को 3 करोड़ की सब्सिडी मिलती है। गोवा को भी 3.70 करोड़ रुपये मिलते हैं। झारखंड की सब्सिडी भी 3.45 करोड़, केरल को 4.18 करोड़, नागालैंड की सब्सिडी 8.92 करोड़ और पश्चिम बंगाल को 0.78 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती है। छत्तीसगढ़ को 0.83 करोड़, हरियाणा को 0.89 करोड़, मिजोरम 3.85 करोड़ और तमिल नाडु में बूचड़खानों के लिए 1.33 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती है।

Related posts

Share
Share