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15 दिनों में 26 किसानों ने की आत्महत्या, ग्रामीण विकास मंत्री बेच रहे हैं ट्यूब लाइट के टिकट

भोपाल/नई दिल्ली: नेशनल जनमत ब्यूरो

मध्यप्रदेश में बीते 15 दिनों में 26 किसान खुदकुशी कर चुके हैं. सरकार का कहना है कि किसी किसान ने कर्ज़ की वजह से आत्महत्या नहीं की शायद यही वजह है कि सरकार के मंत्री भी काम करने और किसानों की समस्या सुनने की बजाए टिकट बेचते नजर आ रहे हैं.

पंचायत राज मंत्री की हर तरफ आलोचना-

ये बात एकदम ठीक है हर व्यक्ति की अपनी एक निजी जिंदगी होती है उसमें वो क्या कर रहा है इसमें किसी को झांकने का कोई मतलब नहीं. लेकिन मंत्री पद एक सार्वजनिक जीवन का पद है जो जनता के वोट से चुना जाता है. इसलिए जनता के प्रति जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही भी ज्यादा होती है. जब मध्यप्रदेश में हर दिन किसान आत्महत्या कर रहा हो, आंदोलन में किसान गोली से मारा जा रहा हो ऐसे में अगर कोई पंचायती राज मंत्री अपने सिनेमा हॉल में टिकट बेचेगा तो स्वाभाविक है कि उसकी आलोचना होगी ही.

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ग्रामीण विकास मंत्री हैं गोपाल भार्गव-

मध्यप्रदेश सरकार में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव अलग ही अंदाज में नजर आए, अपने घर गढ़ाकोटा में वे गणेश टॉकीज़ पहुंचे और काउंटर पर बैठकर टिकट काटने लगे. बताया जा रहा है कि 1978 से चल रहे इस सिनेमा हॉल के मालिक भार्गव ही हैं. उनके विधायक बनने से पहले से यह सिनेमा हॉल चल रहा है.

लगातार किसान आत्महत्या कर रहे हैं मध्य प्रदेश में- 

मध्य प्रदेश किसानों की कब्रगाह बन गया है. पिछले 24 घंटे में छह किसानों ने आत्महत्या कर ली. एक पखवाड़े में राज्य में 26 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

पिछले 48 घंटे में देश भर से 14 किसानों के आत्महत्या करने की ख़बरें आ चुकी हैं. जिस तरह से किसान आत्महत्याएं हो रही हैं, यह किसी आपात स्थिति से कम नहीं है.

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महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में 21 जून को चार किसानों ने आत्महत्या कर ली. इसी दिन राजस्थान, केरल, तमिलनाडु और पंजाब में भी किसानों के आत्महत्या करने की ख़बरें आई हैं.

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों ने एक से दस जून तक आंदोलन किया था. मंदसौर में आंदोलन कर रहे किसानों पर छह जून को पुलिस ने गोली चलाई थी जिसमें छह किसान मारे गए थे.

मंत्रीजी को किसानों से ज्यादा शायद सिनेमा हॉल की फिक्र थी इसलिए ‘ट्यूबलाइट’ की टिकट बेचने वे खुद काउंटर पर बैठ गए.

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