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MP में हार्दिक की सक्रियता से बढ़ रहीं हैं BJP की धड़कनें, शाजापुर में किसान महापंचायत पार्ट-2 आज

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

मध्य प्रदेश में पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक पटेल और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के दूत जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार की पाटीदार समाज और किसानों में पहले सक्रियता अब धीरे-धीरे बन रही स्वीकार्यता से शिवराज सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ने लगी हैं।

मंदसौर की किसान महापंचायत में उमड़ी किसानों की भारी भीड़ से उत्साहित हार्दिक-अखिलेश की जोड़ी बुधवार को यानि आज किसान महापंचायत पार्ट-2 में शामिल होने मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में पहुंच रहे हैं. इस रैली ने एक बार फिर प्रशासन के हाथ पांव फुला दिए हैं

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आंदोलन में शामिल लोगों पर झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग-

किसान आंदोलन में शामिल लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने के विरोध में अब राजस्थान और गुजरात के किसान नेता भी मप्र सरकार को घेरने आ रहे हैं। शाजापुर के स्टेडियम में किसान महापंचायत करके जेल में बंद किसानों को बाहर निकालने और किसानों पर दर्ज सभी प्रकरण वापस लेने की मांग करेंगे। ऐसा नहीं होने पर किसान नेताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

अखिलेश पहले ही पहुंच चुके हैं शाजापुर- 

महापंचायत की रूपरेखा तैयार करने के लिए हार्दिक पटेल की पीएनएस और जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार पहले ही शाजापुर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेने पहुंच गए थे। मंगलवार को महापंचायत की समीक्षा बैठक के दौरान अखिलेश कटियार ने मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा संविधान में जनता को मालिक, जनप्रतिनिधि को सेवक और शासकीय कर्मचारियों को नौकर बताया गया था। लेकिन मध्य प्रदेश में हो एकदम इससे उलटा रहा है। नौकर मालिक को गोली मारने लगे हैं और सेवक उनका खून चूसने में लगे हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा।

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सरकार को किसानों के साथ अत्याचार करने वाली व्यवस्थाओं को बदलना पड़ेगा। लेकिन इसके लिए हमें आगे आने की जरूरत है। जरूरत पड़ने पर सड़क पर संधर्ष से भी पीछे नहीं हटना है। कार्यक्रम की व्यवस्था संभाल रहे अन्य किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा मप्र के किसानों को डरने की जरूरत नहीं है। किसानों की इस लड़ाई में भी हम सब आपके साथ खड़े रहेंगे।

महापंचायत की जिम्मेदारी देख रहे आशीष सरिया ने कहा पहले तो हम निर्दोष किसानों को जेल से रिहा करने और दर्ज प्रकरण वापस लेने की शांति से बात करेंगे। इसके बाद भी यदि जिम्मेदार नहीं माने तो आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान उज्जैन के किसान नेताओं ने बताया कि प्रदेश के 5 हजार ऐसे किसान हैं जिन्हें झूठे प्रकरण दर्ज करके फंसाया गया है। इनमें शाजापुर जिले के 250 किसान भी शामिल हैं।

मांगें नहीं मानी तो धरने पर बैठेंगे- 

पटेल नवनिर्माण सेना के मप्र प्रभारी गैरीलाल दांगी ने कहा कि पहले हम शांति से किसान महापंचायत कर प्रशासन को लिखित रूप से ज्ञापन देकर किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग करेंगे। यदि इसके बाद भी प्रशासन नहीं माना तो धरना व आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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