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म.प्र. में किसानों की मौत के विरोध में जंतर-मंतर पर युवाओं ने शिवराज का इस्तीफा मांगा

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

मध्यप्रदेश जल रहा है.  पुलिस की गोली  से 6 किसानों की मौत के बाद किसान आक्रोशित हैं. शिवराज सरकार कभी तो किसानों को असमाजिक तत्व बताती है तो कभी कहती है किसान पुलिस की गोली मे मरे ही नहीं. बहरहाल मांगे मानने की बजाए शिवराज ने दमन का तरीका अपनाया जिसके बाद पूरे देश का किसान आक्रोशित है. देशभर में किसानों के समर्थन में आवाज उठ रही है.

बुधवार को किसानों की मौत से आक्रोशित सामाजिक कार्यकर्ता सरोज कटियार के नेतृत्व में युवा जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए और शिवराज सिंह मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मार्च किया.  इस दौरान गोली से मृत किसानों के प्रति श्रद्धांजलि दी गयी तथा घायल लोगो के प्रति सवेंदना व्यक्त की गई.

युवाओं ने शिवराज सरकार से इस्तीफे की मांग की. सरोज कटियार ने कहा कि शिवराज सिंह चाहते तो किसानों की मांग मानकर आंदोलन खत्म कर सकते थे लेकिन शिवराज तो आंदोलन को दबाने चाहते थे. शिवराज और बीजेपी के घमंड के कारण हुआ है यह सब.

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किसान विरोधी है बीजेपी- 

जेडीयू के युवा नेता सत्येन्द्र पटेल ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश मानते हुए किसानों की फसल का मूल्य दो गुना करना चाहिए. भाजपा सरकार दलित किसान विरोधी है. कर्जमाफी का झूठा वादा करके सत्ता में आई भाजपा सरकार किसानों की हत्या करवा रही है . मार्च लंका से अस्सी घाट जाकर सभा मे तब्दील हो गयी. कार्यक्रम की शुरूआत में किसान नेता रामजन्म ने कहा कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में हुई किसानों की मौत हत्या है.

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किसानों की मांग जायज है- 

-सरकारी डेयरी द्वारा दूध खरीदी के दाम बढ़ाए जाएं.

-फसलों का उचित दाम किसानों को मिलें।

-स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं. किसी फसल पर जितना खर्च आता है, सरकार उसका डेढ़ गुना दाम दिलाए।

-1 जून से शुरू हुए आंदोलन में जिन किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाए।

-मध्यप्रदेश के किसानों की कर्जमाफी

-राष्ट्रीय कृषि नीति आयोग की तत्काल गठन कि मांग भी शामिल हो आगे से , जहाँ कम से कम किसान अपनी बात तो रख सके

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किसानों ने मांगा हक, मिली मौत –

भारत के अन्नदाता किसान ने केवल अपना हक मांगा था. देश मे किसान बदहाल है सरकार से अपनी पीड़ा कही और अपना हक मांगा बदले में शिवराज सरकार ने मौत की नीद सुला दिया. सत्येन्द्र पटेल ने आरोप लगाया कि बदहाली का जीवन जीने के अभिशप्त किसानों को भाजपा सरकार ने उचित मूल्य के बदले मौत दी है.

देश मे अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं. सरकार और मीडिया गरीबो की जिंदगी के साथ खेल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित मे कोई योजना नही बनाई. केवल झूठे वादों के बल पर सत्ता में आई भाजपा सरकार किसानों के साथ छल कर रही है किसान की कीमत गोली के रूप में दे रही है जो काफी निंदनीय है देश की आवाम कभी माफ नही करेगी. इस मौके पर फिलिप किस्ट्री, सिराज तालिब समेत सैकड़ों युवा उपस्थित थे.

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