You are here

दलित कोटे से जीतकर जो दलितों के काम ना आए, उसे फिर जीतने मत दो :रावण

जंतर-मंतर, नई दिल्ली। सोबरन कबीर यादव 

सहारनपुर में पुलिस द्वारा दलित युवाओं पर की रही एकतरफा कार्रवाई और उत्पीड़न के विरोध में रविवार को भीम आर्मी के बैनर तले नई दिल्ली  में बड़ा प्रदर्शन हुआ. जंतर-मंतर परिसर में जमा भारी भीड़ से उत्साहित भीम आर्मी के नेता चन्द्रशेखर आजाद ने शासन प्रशासन को जमकर कोसा. आजाद ने अपनी बात रखते हुए उन दलित नेताओं, सांसदों, विधायकों को भी आड़े हाथों लिया जिन्होंने सुरक्षित सीट से चुने जाने के बाद भी सहारनपुर के पीड़ितों के घर जाकर बात करना भी जरूरी नहीं समझा.

समाज से चुनकर भी लोग पार्टियों के गुलाम बने रहते हैं- 

भीड़ से खचाखच भरे जंतर-मंतर परिसर में उत्साह से लबरेज चन्द्रशेखर आजाद रावण ने कहा कि वो सांसद जिन्होंने सहारनपुर हिंसा के विरोध में पार्टी के डर से आवाज नहीं उठाई, वे दलित समाज के दुश्मन हैं. आजाद ने आंदोलन में आए हुए लोगों से आह्वान किया कि ऐसे समाज विरोधी लोग अगली बार जीतकर संसद में नहीं जाने चाहिए.

जस्टिस कर्णन आवाज लगाएंगे तो लाखों लोग सड़कों पर होंगे- 

जस्टिस कर्णन को समर्थन देते हुए रावण ने कहा कि जस्टिस कर्णन के समर्थन में देश का लाखों युवा खड़ा है. जज साहब आवाज लगाएंगे तो लाखों लोग सड़कों पर उतर आएंगे.

संविधान तो हमारे खून में है-

आजाद ने कहा कि मनुवादी लोग हमें संविधान पढ़ने की सलाह दे रहे हैं. मैं उनको कहना चाहता हूं कि संविधान तो हमारे लोगों के खून में है. हम संविधान के अनुसार ही समता, न्याय और वंधुत्व की बात करते हैं. रावण टाईटल पर कहा कि रावण ने अपनी बहिन के सम्मान के खातिर अपना सब कुछ बलिदान कर दिया. मैं भी अपने समाज की बहिनों के सम्मान के खातिर अपना सम्मान अपना सब कुछ कुर्बान कर दूंगा, इसीलिए मैने रावण टाईटल लगाया है.

 

Related posts

Share
Share