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आखिर मुकेश अंबानी क्यों तोड़ना चाहते हैं बिहार में लालू-नीतीश गठबंधन !

नईदिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

देश के बड़े उद्योगपतियों में से एक मुकेश अंबानी आखिर बिहार में लालू नीतीश का गठबंधन क्यों तोड़ना चाहते हैं. उनके स्वामित्व वाले ग्रुप नेटवर्क 18 द्वारा संचालित फर्स्ट पोस्ट न्यूज वेबसाइट पर चल रहे अभियान को देखकर तो ऐसा ही लगता है कि उन्हें ऊपर से लालू-नीतीश गठबंधन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए निर्देश  मिले हैं.

पिछले एक महीने से फर्स्ट पोस्ट वेबसाइट ने ना सिर्फ लालू प्रसाद यादव बल्कि महागठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. उसकी खबरों की हेडिंग देखकर स्पष्ट है कि उसे लालू-नीतीश के अलगाव में ज्यादा रुचि है. इसलिए उसके निशाने पर लालू नीतीश का गठबंधन है.

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कारण स्पष्ट है लालू प्रसाद यादव आजकल बीजेपी और मोदी के विरोध में सबसे ज्यादा मुखर हैं. अब बीजेपी यानि केन्द्र सरकार का जो दुश्मन होगा उसे मुकेश अंबानी के पैसों से चल रही वेबसाइट कैसे छोड़ देगी. उसी तरह नीतीश कुमार 2019 के लिए पीएम मोदी के विरोध में सबसे सशक्त चेहरा बन सकते हैं तो उनको इस महागठबंधन से निकालने में ही तो बीजेपी का फायदा है.

फर्स्ट पोस्ट ने आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के खिलाफ नकारात्मक खबरें लगाने का अभियान चलाया हुआ है.  मई माह में इनकम टैक्स के छापों से तो जैसे उसे संजीवनी ही मिल गई है. इसके बाद इस अभियान को बढ़ा दिया गया.

खुद को निष्पक्ष बताने वाले इस जैसे तमाम कॉरपोरेट मीडिया की खबरों की हेडिंग से ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लालू-नीतीश गठबंधन को लेकर इनके मन में कितना गुस्सा पनप रहा है.

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लालू-नीतीश गठबंधन से इतनी दिक्कत क्यों है- 

लालू-नीतीश गठबंधन को करीब से देख रहे वरिष्ठ पत्रकार निखिल आनंद कहते हैं कि लालू के लगातार आरक्षण के पक्ष में बोलने, पिछड़ी जाति का रिजर्वेशन बढ़ाकर 60 फीसदी करने, दलितों – पिछड़ों को प्राईवेट सेक्टर में भी आरक्षण देने, महिला आरक्षण के भीतर आरक्षण देने और मंदिरों में भी ब्राह्मणों के आरक्षण के खिलाफ आवाज उठाने के कारण लालू यादव से देश का जातिवादी माडिया अंदर अंदर ही दुश्मनी पाले बैठा है.

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हाल के कुछ दिनों की फर्स्ट पोस्ट की हेडिंग देखिए- 

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