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मुस्लिमों ने फेल की मोदी-शाह की तुष्टिकरण नीति, मालेगांव में सभी 27 उम्मीदवार हारे

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार ना देकर हिन्दुत्व के एजेंडे पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी ने मालेगांव नगर निगम के चुनाव में 27 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे. लेकिन मोदी-शाह की कूटनीति का ये दांव उल्टा पड़ गया. 27 में से बीजेपी के एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को जीत नहीं मिल सकी.

नतीजों पर हारी हुई भाजपा की उम्मीदवार शाहीन सय्यद ने कहा कि भाजपा का चुनाव लड़ने का तरीका दूसरों से अलग है, लेकिन इस बार भाजपा का झंडा गाड़ दिया है और अगली बार भाजपा यहां से जरुर जीतेगी. हालांकि भाजपा ने यहां 7 वार्डों में जीत हासिल की है.

कांग्रेस ने 84 में से 28 सीटें जीतीं- 

महाराष्ट्र के भिवंडी और मालेगांव इलाकों के नगर निगम में जीत कांग्रेस के नाम रही. पार्टी ने यहा अपने दम पर बहुमत हासिल किया है. मालेगांव के कांग्रेस विधायक आसिफ शेख ने कहा कि यह सबका साथ सबका विकास इस नारे की हार का नतीजा है. कांग्रेस ने यहां 84 वार्डों में से 28 सीटें जीती हैं. जबकि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खाते में 20 सीटें ही आई हैं. भाजपा ने यहां 7 वार्डों में जीत हासिल की है.

कभी इस क्षेत्र पर वर्चस्व रखने वाली जनता दल (सेक्यूलर) को केवल 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। उसकी तुलना में यहां पहली बार चुनाव लड़ रही एमआईएम की शुरुआत अच्छी कही जा सकती है। एआईएमआईएम के उम्मीदवार 7 सीटों पर सफल रहे हैं। देश भर में गूंज रहे गोहत्या और तीन तलाक जैसे मुद्दों को मुस्लिम बहुल मालेगांव पर कोई विशेष असर होता नजर नहीं आया.

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