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भगवाराज: ठाकुरों ने दलित लड़कियों से की छेड़छाड़, भड़क उठी जातीय हिंसा,अंबेडकर प्रतिमा तोड़ी

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

उत्तर प्रदेश का संवेदनशील जिला मुजफ्फरनगर एक बार फिर जातीय हिंसा की आग में झुलस उठा। यहां पर एक दलित लड़की के साथ छेड़छाड़ में दलित और ठाकुर बिरादरी के लोग आमने सामने हो गए।

दलितों और ठाकुरों के बीच हुए खूनी संघर्ष में करीब 18 लोग घायल हो गए हैं। स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए 6 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। गांव में तनाव के देखते हुए पीएसी तैनात की गई है।

लड़की के साथ छेड़छाड़ के चलते भड़की जातीय हिंसा-

जातीय हिंसा के खूनी संघर्ष की यह घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के भूपखेड़ी गांव की है। गांव में दलित समाज के लोग गुरु शमनदास का जन्मदिवस मना रहे थे। जिसके चलते शिरोमणि आश्रम में सत्संग का आयोजन किया गया था।

सुबह 10 बजे के आसपास ठाकुर बिरादरी के 4 युवकों ने सत्संग में आई एक दलित युवती से छेड़छाड़ कर दी। जब उस युवती ने विरोध किया तो दबंगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। सत्संग में मौजूद कई लोगों ने दोनों पक्षों को किसी तरह से शांत कराया।

लोगों का कहना है कि गुरुवार को फिर उन्हीं युवकों ने दूसरे लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर दी। छेड़छाड़ को देख रहे लोगों ने जब इसका किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई।

मामला यहीं पर नहीं रुका इसके बाद एकत्रित भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद करीब दर्जन भर लोग घायल हो गए। इस खूनी खेल में एक तरफ के 8 और दूसरी तरफ के 4 लोग घायल हो गए।

घटनास्थल पर पहुंची 6 थानों की पुलिस-

सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ ने उस पर भी पथराव किया। गांव में हालात बिगड़ता देख कुछ ही देर में घटनास्थल पर खतौली, रतनपुरी, बुढ़ाना, मंसूरपुर, शाहपुर थानों की पुलिस पहुंची। दलित समाज के लोगों ने दूसरे वर्ग के लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की।

हंगामे की सूचना पर एसपी देहात अजय सहदेव, एडीएम प्रशासन हरीश चंद, एसडीएम कन्हई सिंह व छह थानों के एसओ मौजूद रहे। उधर सोमपाल की तहरीर पर पुलिस ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर हमलावर हुए पक्ष के 12 लोगों पर केस दर्ज किया है।

दहशत में हैं भूपखेड़ी गांव के दलित-

गांव में दहशत के साए में जी रहे दलितों का कहना है कि, ठाकुर बिरादरी के लोग गांव में घूम रहे हैं हम अपने खेतों पर भी नहीं जा सकते। हम अपने घरों कैद हैं। वहीं गांव में जब दोनों पक्षो में मारपीट और पत्थरबाजी हो रही थी तो उसी दौरान अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके चलते विवाद और बढ़ गया। दलितों ने कहा कि ठाकुर बिरादरी के लोगों ने प्रतिमा को जानबूझकर तोड़ा है।

गांव में पहले भी हुआ है दलित ठाकुर संघर्ष-

भूपखेड़ी गांव में दलितों और ठाकुरों के बीच यह पहली बार विवाद नहीं हुआ है। गांव में दो साल पहले बाल कटवाने को लेकर ऐसा ही विवाद हुआ था। जिसके बाद गांव में महीनों पीएसी मौजूद रही थी।

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