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महंत गिरी के नफरत के बोल, सलीम को हीरो की तरह पेश करने से संतों की भावनाओं को ठेस पहुंची है

गाजियाबाद। नेशनल जनमत ब्यूरो 

अमरनाथ यात्रा हमले के दौरान बस चला रहे सलीम घायल होने के बाद भी बस चलाते रहे जिससे तकरीबन 100 बस यात्रियों की जान बच पाई।  सलीम की इस बहादुरी की जहां पूरे देश में सराहना हो रही है, वहीं पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय मंत्री और पीठाधीश दूधेश्वरनाथ मंदिर महंत नारायण गिरी को यह बात हजम नहीं हो पा रही। महंत जी तो को कष्ट इस बात का है कि सलीम को हीरो की तरह पेश क्यों किया जा रहा है।

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महंत गिरी का कहना है कि अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमले के बाद से बस के ड्राइवर सलीम को हीरो की तरह पेश किया गया है। इस घटना से संत समाज के लोगों की भावनाओं को भी खासी ठेस पहुंची है।

महंत गिरी ने समाचार वेबसाइट पत्रिका से बातचीत में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमले के बाद हीरो बने बस चालक सलीम की भूमिका पर भी सवाल उठाए। महंत नारायण गिरी के मुताबिक इस हमले में जितने भी लोग मारे गए हैं उनका आंतकियों को श्राप लगेगा। सात पीढ़ियों तक कोई सुख उन लोगों को नहीं मिलेगा।

महंत नारायण गिरी ने आगे कहा, इसके अलावा बस के ड्राइवर सलीम की भूमिका की जांच होनी चाहिए। पहले से मालूम था कि रात के समय में बस को ले जाना सुरक्षित नहीं फिर भी वो वहां से बस लेकर गया।

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कश्मीर के लोग पहले से उड़ाते हैं मजाक-

महंत गिरी का कहना है कि यात्रियों के साथ हुए हादसे के बाद लोग मुस्कराते रहे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जब वो सन 1980 से 1984 के बीच में अमरनाथ में छड़ी के पुजारी थे और 181 किलोमीटर यात्रा लेकर जाते थे। तब भी वहां के लोग मजाक बनाने का काम करते थे।

सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल सही-

महंत नारायण गिरी के मुताबिक संत समाज के लोगों के लिए सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल सही है। वैदिक हिंदू सनातनी का युग कभी समाप्त नहीं हो सकता है। विश्व में जब भी अंधेरा हुआ है तब भारत ने राह दिखाने का काम किया है।

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