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16 होटल के मालिक कारोबारी नील पटेल बॉलीवुड के लिए छोड़ आए अमेरिका

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल 

किसी 32 साल के शख्स के पास अमेरिका में करोड़ों का कोराबार हो, गाड़ी, बंगला, पैसा सबकुछ हो. फिर उसे और क्या चाहिए. लेकिन इन सब चीजों को दरकिनार कर नील पटेल अपने देश लौट आए हैं. नील का सपना है ऐसा कोई काम करें जिससे अपने देश में ही नाम हो.

यह सब नील पटेल ने सिर्फ इसलिए किया क्योंकि वो अपने काम से संतुष्ट नहीं थे. फिलहाल नील बॉलीवुड फिल्म ‘अ डेथ इन द गूंज’ के को-प्रोड्यूसर हैं. 32 साल के नील पटेल अमेरिका में अपने पिता के होटल उद्योग को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के बाद अचानक उसे छोड़कर हिंदुस्तान लौट आए.

अपने पिता के 4 होटलों को 16 तक ले गए नील-

अमेरिका में नील के पास सब कुछ था. बंगला, गाड़ी, पैसा और बिजनेस सब कुछ. फिर भी एक बात का मलाल हमेशा बना रहता था और वो थी आत्म-संतुष्टि. जो नील को कारोबार में कभी नहीं मिली. 2012 में पिता की होटल इंडस्ट्रीज को संभालने से पहले उन्होंने अमेरिका में MBA की पढ़ाई की और 4 साल के भीतर ही पिता के 4 होटल के कारोबार को 16 होटल तक पहुंचा दिया. फिर भी ऐसा लगता था जैसे नील की मंजिल ये नहीं है.

देश में काम करने का लगाव खींच लाया-

नील ने बताया कि वह 2016 में मुंबई आए थे. नये माहौल में नील ने पहले सीखने का फ़ैसला किया. नील कहते हैं कि मुझे ये तो पता था कि मुझे करना क्या है लेकिन ये नहीं पता था कि कैसे करना है. लिहाजा, नील ने सबसे पहले फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीखने का फैसला किया. करीब एक साल तक मैंने बॉलीवुड में अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस के चक्कर काटे. फिल्म निर्माण से लेकर स्टार कास्ट तक की बारीकियों को समझा और फिर फिल्म प्रोडक्शन की दुनिया में उतरने का फैसला किया.

कोंकणा सेन की फिल्म अ डेथ इन द गूंज के को प्रोड्यूसर हैं नील-

कोंकणा सेना की नई फिल्म अ डेथ इन द गूंज में नील बतौर को-प्रोड्यूसर जुड़े हैं. इस बारे में नील कहते हैं कि मैं इसे खुद के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानता हूं, क्योंकि अभी मैं बॉलीवुड के लिए बिल्कुल नया हूं. मुझे अपना प्रोडक्शन हाउस खोले 6 महीने भी नहीं बीते हैं और इन 5 महीने के भीतर ही हमारी पहली फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज को तैयार है.

फिल्म में ऐसा क्या खास है-

दरअसल अ डेथ इन द गूंज एक ड्रामा थ्रिलर फिल्म है. जिसकी कहानी एक फैमिली ट्रिप से जुड़ी है. जो झारखंड के मैक्कुलमगंज छुट्टियां मनाने गया और अचानक उनका आत्माओं से सामना हो गया. आगे की कहानी आप 2 जून को फिल्म देखकर खुद समझ जाएंगे. सच कहूं तो इस फिल्म में पैसा लगाने की असल वजह इसकी कहानी थी जो मुझे बिल्कुल अलग लगी.

गुजरात के आणंद के रहने वाले हैं नील पटेल-

नील पटेल के माता-पिता किरीट भाई पटेल और विलास बेन पटेल हैं. नील कहते हैं कि उन्हें गांवों में काफी अच्छा लगता है.वहां शांति है,सुकून है. अच्छी बात तो ये है कि जब कभी गांवों में जाना होता है और वहां फोन का नेटवर्क नहीं मिलता तो कुछ ज्यादा ही सुकून महसूस करता हूं. नील कहते हैं कि हालांकि गांव जाने का मौका ज्यादा नहीं मिलता, क्योंकि गुजरात के आणंद में जहां हमारा पुश्तैनी घर है वो भी शहर में है. नाना-नानी का घर गांव में है, लिहाजा कभी-कभी वहां जाते रहते हैं.

साभार – वदलाव.कॉम

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