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रेप पीड़िता की मदद के लिए आगे आई NGO संचालिका प्रतीक्षा कटियार पर ही पुलिस ने ठोक दिया केस

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

कानपुर में महिला उत्पीड़न के ख़िलाफ़ आवाज उठाने की हिम्मत भविष्य में अब कोई एनजीओ या सामाजिक कार्यकर्ता शायद ही जुटा पाएगा. कानपुर-बर्रा के न्यू जागृति हॉस्पिटल के आईसीयू में किशोरी से रेप के बहुचर्चित मामले में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने वाले एनजीओ गर्ल्स फाइटर की संचालिका प्रतीक्षा कटियार को पीड़िता व उसके परिवार का साथ देना मंहगा पड़ गया है. इस मामले में पुलिस ने धरना प्रदर्शन करने व पुलिस से मारपीट करने के आरोप में प्रतिक्षा कटियार पर ही ना सिर्फ मुकदमा दर्ज किया बल्कि गिरफ्तारी के आदेश भी दे दिए हैं.

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एनजीओ से जुड़े लोगों और प्रतीक्षा की गिरफ्तारी के आदेश दिए-

डीआईजी कानपुर सोनिया सिंह ने संचालिका सहित एनजीओ से जुड़े सदस्यो की गिरफ्तारी के आदेश दे दिए हैं. कानपुर साउथ बर्रा के कर्रही रोड स्थित न्यू जागृति हॉस्पिटल बंद कराने की मांग को लेकर हुए बवाल में पुलिस ने फाइटर गर्ल्स एनजीओ संचालिका प्रतिक्षा कटियार और उसकी सदस्य तान्या गुप्ता समेत 29 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.

इस मामले में 10 लोगों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है. अब ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं को गुंडे और उपद्रवियों की श्रेणी में शामिल करना कहां तक जायज ठहराया जा सकता है.

‘डरना नहीं लड़ना है’ के गुर सिखाती हैं लड़कियों को- 

डिप्टी रजिस्ट्रार सोसाइटीज अरविंद उत्तम के पुरस्कार लेती हुईं

कानपुर शहर के बर्रा 2 में रहने वाली प्रतीक्षा कटियार महिला सशक्तिकऱण के लिए काम करती हैं. महिलाओं और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना ही उनके जीवन का उद्देश्य है. 25 साल की प्रतीक्षा ने  नौकरी की लालसा  छोड़कर 2012 में 10 महिलाओं के साथ एक छोटी सी टीम बनाई थी. प्रतीक्षा को काम करने की प्रेरणा दिल्ली के  निर्भया कांड के बाद मिली.

प्रतीक्षा को लगा कि महिलाओं को मजूबत बनाने के लिए नौकरी का ख्याल मन से निकालना होगा और प्रतीक्षा निकल पड़ी अपनी तरह छात्राओं को सशक्त बनाने. शहर के स्कूलों में जा-जाकर आज 300 लड़कियो के साथ डरना नहीं लड़ना है की थीम पर काम कर रही हैं.

फाइटर टीम फेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से कानपुर के स्कूलों की छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही प्रतीक्षा बेहद साधारण परिवार से हैं. उनकी मां भी प्रतीक्षा की इस लगने में उनके साथ हैं.तत्कालीन डिप्टी रजिस्ट्रार चिफ फंट एंड सोसाइटीज एके उत्तम भी प्रतीक्षा के बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र दे चुके हैं. इसके अलावा प्रतीक्षा को कई पुरस्कार मिले हैं.

 

लोगोंं ने लगाए अस्पताल संचालक को बचाने के आरोप-

पीड़िता के परिजन और मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि बर्रा थाने के कुछ पुलिसकर्मी अस्पताल मालिकों के आगे बिके हुए हैं, इसलिए पीड़िता के परिजन और उनकी मदद करने वालों पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. मोहल्ले वालों का कहना था कि जब हम शांति से प्रदर्शन कर रहे थे तो लाठीचार्ज करने की पुलिस को जरूरत ही क्या थी. इन सब हालातों के बीच एक बात तो तय है कि कानपुर में महिला उत्पीड़न के ख़िलाफ़ आवाज उठाने की हिम्मत निकट भविष्य में अब कोई एनजीओ नहीं जुटा सकेगा

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वीडियो फुटेज में स्पष्ट है कि प्रतिक्षा पुलिसकर्मी को बचा रही है-

प्रतीक्षा कटियार का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें घटना वाले दिन वो पुलिसकर्मी को उठाते हुए और पुलिस का सहयोग करते हुए नजर आ रही हैं. ऐसे में अगर प्रतीक्षा उस दिन पुलिस का सहयोग कर रहीं थीं तो फिर उन पर और उनके एनजीओ पर मुकदमा क्यों दर्ज किया गया.

लेनदेन के आरोप से भड़क गए थे लोग-

प्रतीक्षा कटियार ने बताया कि उस दिन एनजीओ की लड़कियां वहाँ सिर्फ धरना देने, हॉस्पिटल बंद कराने की मांग को लेकर और हॉस्पिटल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग कर रहीं थीं । वहीं कुछ लोगों ने वहां आकर बताया कि हॉस्पिटल संचालक ने बर्रा पुलिस को पैसा देकर मामला सेट कर दिया है, लोग इस बात पर भड़के थे. इतने में ही पुलिस ने आकर लोगों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया. पुलिस को उपद्रवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिलाओं में फर्क करना चाहिए था. पुलिस ने धरना प्रदर्शन में शामिल एनजीओ की सात लड़कियों और पीड़िता की मुहल्ले की महिलाओं और रिश्तेदारों पर मामला दर्ज कर दिया है.

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पीड़िता के रिश्तेदारों को भी कर लिया गिरफ्तार-

बर्रा चौकी इंचार्ज रविशंकर त्रिपाठी की तहरीर पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ बलवा, मारपीट, पथराव, सरकारी काम में बाधा और सेवन सीएलए की धाराओं में कार्रवाई कर पीड़िता के दो रिश्तेदारों समेत दस को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा, लेकिन भारी फोर्स के चलते उनकी एक नहीं चली। बवाल के आरोप में पीड़िता के रिश्तेदार जर्नादन, राकेश गुप्ता के अलावा अवधेश, शैलेंद्र सिंह, गौरव, अभिषेक यादव, अमन राजपूत समेत दस को गिरफ्तार किया गया है।

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